
Elon Musk (Photo - Washington Post)
अमेरिकी अरबपति और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Tesla CEO Elon Musk) के ताजा बयान ने एक बार फिर कोरोना वैक्सीन को लेकर विश्व स्तर पर बहस तेज कर दी है। मस्क ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में एलन मस्क ने कोविड वैक्सीन से जुड़े अनुभव को बताया है। इसके साथ ही एलन मस्क ने कोविड वैक्सीन पर सवाल उठाए हैं।
एलन मस्क ने X पर वीडियो शेयर किया है। इसमें वह कोविड वैक्सीन से जुड़ा अपना अनुभव बता रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने वैक्सीन पर सवाल भी उठाए हैं। इस पोस्ट में अपना व्यक्तिगत अनुभव शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- मुझे मूल वुहान वेरिएंट पहले ही हो चुका था, जो सामान्य सर्दी-जुकाम जैसा ही था। यह संक्रमण बुरा जरूर, लेकिन इतना खतरनाक नहीं। वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद मेरी हालत इतनी खराब हो गई कि मुझे लगा जैसे मैं मर जाऊंगा, मुझे लगा कि अस्पताल पहुंचना पड़ेगा।
एलन मस्क ने दावा किया कि वैक्सीन की खुराक स्पष्ट रूप से ज्यादा थी और इसे जरूरत से ज्यादा बार दिया गया। उन्होंने कहा- डोजिंग स्पष्ट रूप से बहुत अधिक थी और बार-बार दी गई। जर्मनी में यह मुद्दा उस समय चर्चा में आया, जब स्वीडिश पत्रकार पीटर स्वीडन (Peter Imanuelsen) ने इंटरव्यू का जिक्र करते हुए सवाल उठाया।
पीटर ने कहा कि इतनी बड़ी बात मुख्यधारा की मीडिया में क्यों नहीं दिखाई जा रही? पीटर ने बताया कि जर्मनी की संसदीय जांच (Bundestag Corona Enquete Commission) के दौरान डॉ. स्टर्ज ने दावा किया कि कोविड वैक्सीन (खासकर Pfizer की mRNA वैक्सीन) की वजह से जर्मनी में 20,000 से 60,000 लोगों की मौत हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन को कभी मंजूरी नहीं देनी चाहिए थी, क्योंकि 10 जरूरी प्रीक्लिनिकल सेफ्टी स्टडीज को छोड़ दिया गया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और वैज्ञानिक समुदाय में इस पर गहरे मतभेद बने हुए हैं।
एलन मस्क ने अपना अनुभव शेयर करते हुए लिखा कि दूसरी बूस्टर डोज के बाद उन्हें गंभीर शारीरिक अस्वस्थता का अनुभव हुआ था। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी कठिनाई का खुलासा किया। एलन मस्क की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर वैक्सीन सुरक्षा, mRNA टेक्नोलॉजी और महामारी के दौरान अपनाई गई नीतियों पर फिर से बहस छिड़ गई है। एलन मस्क पहले भी अनिवार्य वैक्सीनेशन का विरोध कर चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जबकि करोड़ों लोगों को वैक्सीन से फायदा हुआ, लेकिन दुर्लभ मामलों में गंभीर साइड इफेक्ट्स भी दर्ज किए गए।
Published on:
14 Apr 2026 05:07 am
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