
होर्मुज के कॉमर्शियल जहाज पर अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया । (फोटो: ddnews.gov.in)
Maritime Escalation: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जहां एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग (International Shipping Route) को निशाना बनाया गया है। हालिया घटनाक्रम में थाईलैंड (Thailand) के एक कॉमर्शियल जहाज पर अज्ञात हमलावरों ने हमला (Maritime Attack) कर दिया, जिससे वैश्विक व्यापारिक गलियारे (Global Trade Corridor) में दहशत फैल गई है। सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) ने इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट (High Alert) घोषित कर दिया है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों (Maritime Security Experts) का मानना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में व्यापारिक स्वतंत्रता को बाधित करने की एक बड़ी साजिश हो सकती है।
होर्मुज की खाड़ी दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। थाईलैंड के इस जहाज पर हुए हमले ने यह साफ कर दिया है कि अब केवल खाड़ी देशों के जहाज ही नहीं, बल्कि दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के व्यापारिक बेड़े भी सुरक्षित नहीं हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, जहाज को निशाना बनाने के लिए ड्रोन या छोटी मिसाइलों का उपयोग किया गया हो सकता है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
हमले की सूचना मिलते ही अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गठबंधन ने अपने निगरानी तंत्र को सक्रिय कर दिया है। थाईलैंड सरकार ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए वैश्विक शक्तियों से सहयोग मांगा है। वर्तमान में, जहाज की स्थिति और उस पर सवार चालक दल की सुरक्षा की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे हमले नहीं रुके, तो कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य भौगोलिक रूप से ईरान के बेहद करीब है, इसलिए इस क्षेत्र में होने वाली किसी भी हलचल पर ईरान की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होती है। हालांकि अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई उन विद्रोही समूहों की ओर है जो क्षेत्र में अशांति फैलाना चाहते हैं। इस हमले ने कूटनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है कि क्या यह हमला किसी बड़े सैन्य संघर्ष का संकेत है।
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। वहीं, अमेरिका और सहयोगी देशों ने इस हमले की निंदा करते हुए समुद्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की बात कही है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है। आने वाले दिनों में इस रूट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल जारी किए जा सकते हैं। इस हमले के बाद वैश्विक बीमा कंपनियों ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के प्रीमियम में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आने वाले समय में आयात-निर्यात महंगा हो सकता है।
Updated on:
27 Mar 2026 06:29 pm
Published on:
27 Mar 2026 06:25 pm
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