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ईरान से जुड़ा तीसरा टैंकर हॉर्मुज में हुआ दाखिल, अमेरिकी नाकेबंदी का क्यों नहीं पड़ा असर? वजह भी सामने आई

आज पनामा के झंडे वाला टैंकर 'पीस गल्फ' होर्मुज स्ट्रेट पार कर UAE के हमरियाह बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। LSEG डेटा के अनुसार, यह आज का तीसरा ईरान से जुड़ा टैंकर है।

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भारत

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Mukul Kumar

Apr 14, 2026

हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाज। (फोटो- IANS)

दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ता इन दिनों काफी सुर्खियों में है। होर्मुज की खाड़ी, जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल लेता है, वहां आज एक बड़ी हलचल देखी गई। अमेरिका की नाकेबंदी के बावजूद ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकर इस रास्ते से निकल गए।

तीसरा टैंकर UAE के बंदरगाह की तरफ

शिपिंग डेटा के मुताबिक, आज पनामा के झंडे तले चलने वाला टैंकर 'पीस गल्फ' होर्मुज स्ट्रेट से गुजरकर UAE के हमरियाह बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा है। एलएसईजी के आंकड़े बताते हैं कि यह तीसरा ईरान से जुड़ा टैंकर है जो आज इस रास्ते से गुजरा।

इससे पहले दो और अमेरिकी प्रतिबंधों की जद में आए टैंकर भी इसी तंग रास्ते से निकल चुके हैं। लेकिन असली पेंच यह है कि तीनों जहाज ईरानी बंदरगाहों की तरफ नहीं जा रहे, इसलिए अमेरिकी नाकेबंदी इन पर लागू नहीं होती।

मुरलीकिशन और रिच स्टारी भी राडार पर

इन तीन टैंकरों में से एक 'मुरलीकिशन' नाम का हैंडी टैंकर है जो 16 अप्रैल को इराक में फ्यूल ऑयल लोड करने जाएगा। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक यह जहाज पहले एमकेए के नाम से जाना जाता था और इसने पहले भी रूसी और ईरानी तेल ढोया है।

तीसरा जहाज 'रिच स्टारी' सबसे अहम माना जा रहा है। यह पहला प्रतिबंधित टैंकर होगा जो नाकेबंदी शुरू होने के बाद होर्मुज से निकलकर खाड़ी से बाहर जाएगा। LSEG और Kpler दोनों के डेटा में यह बात सामने आई है।

ईरान से जुड़े जहाज पर अमेरिका ने क्यों नहीं किया हमला

दरअसल, अमेरिका की नाकेबंदी सिर्फ उन जहाजों पर लागू होती है जो सीधे ईरानी बंदरगाहों पर जा रहे हों। जो टैंकर यूएई, इराक या किसी और देश की तरफ जा रहे हैं, वो इस दायरे से बाहर हैं।

ईरान से जुड़े ये टैंकर इसी कानूनी खामी का फायदा उठाते हुए आराम से निकल रहे हैं। तीसरा ईरान जहाज भी हॉर्मुज से निकलकर यूएई की तरफ जा रहा था। यही वजह थी कि अमेरिका ने ईरानी जहाज पर हमला नहीं किया।

हॉर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नेवी की नाकाबंदी

हॉर्मुज स्ट्रेट विश्व का सबसे महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य है, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और LNG गुजरता है। ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध के दौरान ईरान ने स्ट्रेट को आंशिक रूप से प्रभावित किया, टोल वसूलने की कोशिश की और कुछ जहाजों पर हमले किए। इससे तेल की कीमतें बढ़ीं।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में ईरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के बाद घोषणा की कि अमेरिका की नेवी हॉर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी लागू करेगी।