
दुनिया के तेल और गैस उत्पादक देश इस दशक के अंत तक अपनी नई स्वीकृत प्रोजेक्ट्स से तेल और गैस उत्पादन की मात्रा को लगभग चौगुना कर देंगे। इसमें सबसे अधिक योगदान अमरीकी प्रोजेक्ट्स का होगा। सैन फ्रांसिस्को स्थित गैर सरकारी संगठन ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आइइए) की 2021 में दी गई चेतावनी के हवाले से दावा किया गया है कि यदि पृथ्वी का तापमान पूर्व-औद्योगिक समय के तापमान से 1.5 डिग्री सेंटीग्रेट से आगे बढ़ने से रोकना है, तो कोई नया तेल और गैस खनन का बुनियादी ढांचा नहीं बनाया जाना चाहिए।
इन देशों में 70 फीसदी तेल-गैस की खोज
पेरिस एग्रीमेंट की भावना के विपरीत शुरू किए जा रहे नए तेल-गैस प्रोजेक्टवर्ष नए प्रोजेक्ट की अनुमति अरब बैरल का रिजर्व 2022 25 7.92023 20 8.0 कुल 45 15.9 जारी और नए तेल और गैस फील्ड की खोजग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की नई रिपोर्ट के अनुसार, आइइए की 2021 चेतावनी के बाद से तेल और गैस ड्रिलिंग के लिए कम से कम 20 बिलियन बैरल तेल की खोज की गई है। इनमें गुयाना, ईरान, नामीबिया, अमरीका, चीन सबसे आगे हैं। नए तेल-गैस फील्ड में करीब 70 फीसदी तेल-गैस की खोज इन्हीं पांच देशों में की गई है। 22 देशों की इस सूची में भारत का नाम नहीं है।
कच्चे तेल के उत्पादन में अमरीका सबसे आगे
दशक के अंत तक 31 अरब बैरल तेल खनन का लक्ष्यरिपोर्ट के अनुसार, दशक के अंत तक तेल और गैस खनन इंड़स्ट्री 64 नए तेल और गैस फील्ड से 31 अरब बैरल तेल-गैस खनन शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें अमरीका सबसे आगे है, जो पिछले छह सालों से लगातार दुनिया में सबसे अधिक कच्चे तेल का उत्पादन करता आ रहा है। अमरीका भारत को बेचेगा ज्यादा तेल उत्पादन बढ़ने के साथ ही अमरीका अपने तेल के नए ग्राहकों को भी खोज रहा है। रूस पर प्रतिबंधों के बाद अब भारत भी अमरीका से ज्यादा कच्चा तेल खरीदेगा। जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अगले महीने अमरीका से प्रतिदिन 250,000 बैरल से ज्यादा कच्चा तेल भारत में आने वाला है, जो पिछले एक साल से भी ज्यादा समय में सबसे अधिक होगा।
Published on:
29 Mar 2024 08:34 am
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