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अमेरिकी रक्षा मंत्री की पत्नी ने पहनी ऐसी ड्रेस, देखते ही देखते इंटरनेट पर फोटो हुआ वायरल

Controversy:अमेरिकी रक्षा मंत्री की पत्नी जेनिफर रौशेट की एक ड्रेस सोशल मीडिया पर तीखी बहस का मुद्दा बन गई है। लोग उनके पहनावे को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिससे यह मामला इंटरनेट पर गरमा गया है।

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भारत

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MI Zahir

Apr 30, 2026

Jennifer Rauchet Viral Dress

जेनिफर राउचेट की वायरल ड्रेस। ( फोटो: सोशल मीडिया)

Social Media: अमेरिकी राजनीति और वहां से जुड़े दिग्गजों की जीवनशैली अक्सर चर्चा का विषय रहती है। हाल ही में, सोशल मीडिया पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है और इस बार निशाने पर हैं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की पत्नी जेनिफर रौशेट जेनिफर की ओर से हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पहनी गई ड्रेस ने इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां कुछ लोग इसे उनका निजी चुनाव और बेहतरीन फैशन सेंस बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आलोचकों का एक बड़ा वर्ग उनके इस पहनावे को राजनीतिक गरिमा के खिलाफ मान रहा है। यह मामला अब केवल फैशन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कूटनीतिक हलकों में भी इस पर कानाफूसी शुरू हो गई है।

वहां पहनावा सिर्फ फैशन का हिस्सा नहीं होता

वाशिंगटन डीसी में राजनेताओं और उनके जीवनसाथियों के कपड़ों को हमेशा एक संदेश के रूप में देखा जाता है। वहां पहनावा सिर्फ फैशन का हिस्सा नहीं होता, बल्कि इसके गहरे मायने निकाले जाते हैं। जेनिफर रौशेट की ड्रेस को लेकर जो बहस छिड़ी है, उसके मूल में यही बात है। आलोचकों का तर्क है कि अमेरिका के रक्षा मंत्री जैसे शीर्ष और बेहद संवेदनशील पद पर बैठे व्यक्ति की पत्नी होने के नाते, जेनिफर को अपने पहनावे में पारंपरिक कूटनीतिक प्रोटोकॉल और शालीनता का अधिक ध्यान रखना चाहिए था। रूढ़िवादी विचारकों का मानना है कि इस तरह के कपड़े आधिकारिक कार्यक्रमों की गंभीरता को कम करते हैं।

किसी महिला को कपड़ों के आधार पर जज करना पुरानी और रूढ़िवादी सोच

हालांकि, इंटरनेट पर जेनिफर रौशेट के समर्थकों की भी कमी नहीं है। कई युवा और फैशन विशेषज्ञ उनके बचाव में उतर आए हैं। उनका कहना है कि 21वीं सदी में किसी महिला को उसके कपड़ों के आधार पर जज करना एक पुरानी और रूढ़िवादी सोच का हिस्सा है। समर्थकों का तर्क है कि जेनिफर की ड्रेस आधुनिक, स्टाइलिश है और यह उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को दर्शाती है। उनका यह भी मानना है कि महिलाओं के कपड़ों पर इस तरह का माइक्रो-एनालिसिस पुरुष राजनेताओं के मामले में कभी नहीं किया जाता, जो कि स्पष्ट रूप से दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

फैशन पत्रिकाओं से राजनीतिक टॉक शो तक ड्रेस का विश्लेषण किया जा रहा

इस विवाद ने अमेरिकी मीडिया और वैश्विक पोर्टल्स पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं। फैशन पत्रिकाओं से लेकर राजनीतिक टॉक शो तक में इस ड्रेस का विश्लेषण किया जा रहा है। लोग इस बात की तुलना कर रहे हैं कि पहले के रक्षा मंत्रियों या राष्ट्रपतियों की पत्नियां सार्वजनिक मंचों पर खुद को कैसे प्रस्तुत करती थीं। यह विवाद इस बात का भी प्रतीक है कि आज के डिजिटल युग में एक छोटी सी तस्वीर या वीडियो भी कितनी जल्दी एक वैश्विक विमर्श का रूप ले सकता है।

सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों की हर हरकत जनता के रडार पर

फिलहाल, इस पूरी बहस पर जेनिफर रौशेट या अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। लेकिन एक बात तय है कि इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों की हर छोटी-बड़ी हरकत जनता के रडार पर होती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस विवाद के बाद जेनिफर अपने पब्लिक अपीयरेंस में कोई बदलाव करती हैं या बेबाकी से अपने फैशन स्टेटमेंट को कायम रखती हैं।

इस मुद्दे पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग राय

सोशल मीडिया यूजर्स इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से बंटे हुए नजर आ रहे हैं। एक धड़ा जहां इसे "पॉलिटिकल ड्रेस कोड का उल्लंघन" बता रहा है, तो वहीं दूसरा धड़ा इसे "महिला की आजादी और शानदार फैशन चॉइस" कहकर जेनिफर की तारीफ कर रहा है। इंटरनेट पर इस ड्रेस को लेकर मीम्स और लंबे-लंबे ओपिनियन थ्रेड्स की बाढ़ आ गई है।

वे पारंपरिक लुक अपनाएंगी या आलोचकों को अपने अंदाज में जवाब देंगी

अब सबकी निगाहें जेनिफर रौशेट के अगले सार्वजनिक कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं। मीडिया और जनता यह देखना चाहती है कि क्या इस भारी ऑनलाइन आलोचना और बहस का उनके भविष्य के पहनावे पर असर पड़ेगा? क्या वे आगे से अधिक पारंपरिक लुक अपनाएंगी या फिर से आलोचकों को अपने स्टाइलिश अंदाज से जवाब देंगी।

राजनीति में महिलाओं के प्रति लैंगिक पूर्वाग्रह

इस विवाद का एक पहलू 'राजनीति में महिलाओं के प्रति लैंगिक पूर्वाग्रह' का भी है। कई नारीवादी विचारकों ने सवाल उठाया है कि क्या कभी किसी पुरुष रक्षा मंत्री के सूट या टाई के रंग पर इतनी लंबी और तीखी अंतरराष्ट्रीय बहस होती है? महिलाओं के कपड़ों को हमेशा उनके चरित्र या उनके पति की राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखना समाज की एक बड़ी विडंबना है।