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Donald Trump Iran Warning: चुनाव से पहले बढ़ सकती है हलचल, बोले- ‘हम जल्द खत्म कर सकते हैं जंग’

Donald Trump Iran News: वॉशिंगटन की कूटनीति और तेहरान पर दबाव के बीच ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को लेकर अपने रुख के संकेत दिए हैं। इसी बीच सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले ने क्षेत्रीय संकट को और गंभीर बना दिया है।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 11, 2026

Donald Trump Iran News

Trump Iran Warning: चुनाव से पहले ईरान पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- जरूरत पड़ी तो जल्द खत्म कर देंगे संघर्ष -(फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

DonaldTrump Midterm Elections: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले हालात बिगड़ने की आशंका जताई है। ट्रंप का कहना है कि ईरान चुनाव से पहले कुछ अतिरिक्त कदम उठा सकता है, लेकिन अमेरिका चाहे तो स्थिति को बहुत कम समय में नियंत्रित कर सकता है। उनके इस बयान ने पश्चिम एशिया में जारी संकट, दोनों देशों के बीच बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले हालात बिगड़ने की आशंका जताई है। ट्रंप का कहना है कि ईरान चुनाव से पहले कुछ अतिरिक्त कदम उठा सकता है, लेकिन अमेरिका चाहे तो स्थिति को बहुत कम समय में नियंत्रित कर सकता है। उनके इस बयान ने पश्चिम एशिया में जारी संकट, दोनों देशों के बीच बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

चुनाव से पहले ईरान की गतिविधियों पर नजर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को टेनेसी के क्लार्क्सविले में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि ईरान नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले कुछ अतिरिक्त गतिविधियां कर सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि तेहरान ऐसा करके अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर हालात को तेजी से काबू में कर सकता है।

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान फिलहाल कुछ शांत होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने अब तक उसके प्रति काफी संयम बरता है। उनके बयान ऐसे समय आए हैं, जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशें जारी होने की बात कही जा रही है।

बातचीत जारी, लेकिन दबाव भी बरकरार

ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया मंच एक्स पर स्पष्ट किया था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि तेहरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति कमजोर होने की बात कही तथा उस पर लागू नाकेबंदी जारी रखने का संकेत दिया।

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की भारी आवाजाही का उल्लेख करते हुए दावा किया कि एक रात में करीब 2.2 करोड़ बैरल तेल का परिवहन हुआ, जिसमें ईरान का तेल शामिल नहीं था। उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। यहां तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर असर पड़ सकता है।

सऊदी अरब पर हमले के बाद बढ़ी चिंता

इसी बीच ट्रंप ने सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई में सऊदी अरब का साथ देने की संभावना पर विचार करने की बात कही। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन घटना की समीक्षा करने के बाद फैसला करेगा।

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (GACA) ने 10 अक्टूबर के हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की जानकारी दी। मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिकों के अलावा बांग्लादेश और अमेरिका समेत कई देशों के नागरिक शामिल बताए गए। कुछ घायलों की हालत गंभीर थी और उनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा था।

इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को किंग खालिद तथा अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं में भी तीन लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी।

पश्चिम एशिया पर टिकी दुनिया की नजर

ईरान के साथ अमेरिकी तनाव और सऊदी अरब पर हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिलहाल ट्रंप ने ईरान पर चुनाव से पहले हमला नहीं करने की बात कही है, लेकिन संभावित जवाबी कदमों को लेकर उनका रुख खुला हुआ है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया यह तय करने में अहम होगी कि तनाव कम होता है या और बढ़ता है।