
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (इमेज सोर्स: ANI)
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू हो गई है। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी और रचनात्मक वार्ता हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सप्ताह के अंत तक समझौता हो जाएगा। इसी आधार पर उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया कि अगले 5 दिनों तक ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई हमला नहीं किया जाएगा।
ट्रंप ने लिखा, 'अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में शत्रुता को पूरी तरह समाप्त करने के लिए गहन, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत हुई है। इन वार्ताओं के स्वर और टोन के आधार पर मैंने रक्षा विभाग को ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर किसी भी सैन्य हमले को 5 दिनों के लिए स्थगित करने का आदेश दिया है। यह आगे की बैठकों और चर्चाओं की सफलता पर निर्भर करेगा।'
यह बयान ऐसे समय आया जब ट्रंप ने शनिवार को ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना होगा, वरना अमेरिका ईरान के बड़े पावर प्लांट्स पर हमला करेगा, "सबसे बड़े से शुरू करके"। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के 20% तेल व्यापार का महत्वपूर्ण रास्ता है, जिसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।
ट्रंप के इस दावे पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कोई बातचीत नहीं हुई है। ईरान ने इसे जल्दबाजी और बाजार को शांत करने की कोशिश बताया। तेहरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया कि ट्रंप ईरान की जवाबी धमकियों से पीछे हट गए हैं।
ईरान ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर उसके पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो वह होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर देगा और क्षेत्रीय ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करेगा, जिसमें इजराइल और खाड़ी देशों के प्लांट शामिल हैं।
ट्रंप के बयान से इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हैरान दिखे। नेतन्याहू के कार्यालय ने ट्रंप की ईरान वार्ता घोषणा पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी, जो असामान्य माना जा रहा है। इससे पहले नेतन्याहू ने ईरान को "पूरी तरह तबाह" होने की बात कही थी और युद्ध में इजराइल की भूमिका पर जोर दिया था। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि ट्रंप ने नेतन्याहू को ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर हमले न दोहराने की सलाह दी है।
यह घटनाक्रम वैश्विक बाजारों पर असर डाल रहा है। ट्रंप के पोस्ट के बाद स्टॉक मार्केट में उछाल आया और तेल की कीमतें घटीं, लेकिन ईरान के इनकार से अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका-ईरान युद्ध अब चौथे सप्ताह में है, जिसमें इजराइल भी सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट की बहाली के बिना वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
Updated on:
23 Mar 2026 08:26 pm
Published on:
23 Mar 2026 08:26 pm
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