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एक ही वैक्सीन से मिलेगा COVID-19 और इनफ्लुएंजा से छुटकारा, जल्द आम लोगों के लिए उपलब्ध होगा ये टू-इन-वन टीका 

कोरोना (COVID-19) की तरह हर साल इंफ्लूएंजा वायरस के संक्रमण के कारण दुनियाभर में लाखों लोग बीमार होते हैं। इन संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए मॉर्डना के वैज्ञानिक ऐसे खास तरह का टू इन वन टीका बना रहे हैं, जिससे दोनों वायरस से बचाव किया जा सके।

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Two in one vaccine provide relief from COVID-19 and influenza

Two in one vaccine provide relief from COVID-19 and influenza

कोरोना (COVID-19) और इनफ्लूएंजा वायरस से बचाव के लिए वैज्ञानिक अब एक तीर से दो निशाने लगाने की तैयारी में हैं। अमरीकी शोधकर्ताओं ने फार्मा कंपनी मॉडर्ना की नई टू इन वन वैक्सीन को लेकर दावा किया है कि यह कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा (Influenza) के खिलाफ मौजूदा अलग-अलग टीकों से ज्यादा असरदार पाई गई। हालांकि फिलहाल यह वैक्सीन परीक्षण के आखिरी दौर से गुजर रही है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की तरह हर साल इंफ्लूएंजा वायरस के संक्रमण के कारण दुनियाभर में लाखों लोग बीमार होते हैं। इन संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए मॉर्डना (Moderna) के वैज्ञानिक ऐसे खास तरह का टीका बना रहे हैं, जिससे दोनों वायरस से बचाव किया जा सके। शोध के लेखकों में शामिल डॉ. जैकलीन मिलर का कहना है कि यह टू इन वन वैक्सीन (Two in one vaccine) आने के बाद लोगों को सिर्फ एक इंजेक्शन लगवाने की जरूरत होगी।

COVID-19 के टीके भी हो रहे अपडेट

टीकाकरण ने कोरोना (COVID-19) की गंभीरता काफी हद तक कम की है, लेकिन नए वैरिएंट्स के कारण जोखिम बना हुआ है। नए वैरिएंट्स वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा दे रहे हैं, इसलिए कई बार टीकों को अपडेट भी किया जा चुका है। वैज्ञानिक फ्लू टीकों की तरह हर साल लोगों को कोविड वैक्सीन (Corona Vaccine) भी लेने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि कोविड टीकों का असर समय के साथ कम होता जाता है। इससे नए वैरिएंट्स के कारण संक्रमण का खतरा हो सकता है।

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ज्यादा एंटीबॉडी बनी

वैक्सीन के परीक्षण में 50 साल और उससे ज्यादा उम्र के 8,000 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। आधे लोगों को टू इन वन टीका, (Two In One vaccine) जबकि बाकी को कोविड और फ्लू के अलग-अलग टीके दिए गए। अलग-अलग टीके लेने वाले समूह के मुकाबले कॉम्बो वैक्सीन ने इन्फ्लूएंजा के स्ट्रेन को खिलाफ 20 से 40 फीसदी ज्यादा, जबकि कोविड-19 वैरिएंट्स के खिलाफ 30 फीसदी ज्यादा एंटीबॉडी उत्पन्न की।

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लंबे समय तक असर

शोधकर्ताओं का कहना है कि नए संयुक्त टीके में कोविड-19 वाला हिस्सा मौजूदा वैक्सीन के मुकाबले वायरस के स्पाइक प्रोटीन को ज्यादा प्रभावी ढंग से लक्षित करता पाया गया। इस वैक्सीन का असर ज्यादा लंबे समय तक कायम रह सकता है। वैक्सीन का इंफ्लूएंजा वाला घटक हर सीजन में फैलने वाले इन्फ्लूएंजा के करीब-करीब सभी स्ट्रेन के खिलाफ कारगर हो सकता है।

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