
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडीमिर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (फोटो- ANI)
रूस पर भारत में बड़ी रचने का आरोप लगा है। नई दिल्ली में यूक्रेन के दूतावास ने गुरुवार को रूस पर जानकारी में हेरफेर करने और भारत की आंतरिक प्रक्रियाओं में दखल देने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
यूक्रेनी दूतावास ने दावा किया कि मॉस्को ने भारत में यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत के बारे में मनगढ़ंत दावे फैलाए हैं। दूतावास ने आधिकारिक बयान में रूसी विदेश मंत्रालय की टिप्पणियों की जमकर आलोचना की। साथ ही उन्हें एक बड़े दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा बताया।
यूक्रेनी दूतावास ने कड़े शब्दों में कहा- हाल ही में, रूस के दुष्प्रचार मंत्रालय ने जो विदेश मंत्रालय होने का दिखावा भी करता है। वह भारत में यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत के संबंध में अपने आधिकारिक प्रतिनिधि के माध्यम से एक बयान जारी किया।
दूतावास ने आरोप लगाया गया कि रूस की ओर से यूक्रेनी नागरिकों के बारे में दी गई जानकारी पूरी तरह से मनगढ़ंत थी। उन्होंने कहा- भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रूस से जुड़े कुछ उकसाने वाले लोगों ने ही भारत के अधिकारियों को कथित यूक्रेनी 'आतंकवादियों' के बारे में मनगढ़ंत 'जानकारी' दी थी, जिसे एफएसबी (रूसी सुरक्षा सेवा) की बिल्डिंग के भीतर ही गढ़ा गया था।
यूक्रेनी दूतावास ने आगे कहा- जानबूझकर भारत में यूक्रेन का दुष्प्रचार किया गया, जो रूसी विशेष सेवाओं की खासियत है। ये लोग अक्सर मनगढ़ंत बातों को विदेश नीति के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ये लोग भारत को एक ऐसी राजनीतिक पटकथा में घसीटने की कोशिश करते हैं, जो भारत कभी नहीं कर सकता।
दूतावास ने आगे रूस पर भारत को अपने भू-राजनीतिक एजेंडे में घसीटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उसने कहा- ऐसा लगता है कि मॉस्को अभी भी इस गलतफहमी में जी रहा है कि वह दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल दे सकता है और अपने भू-राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए भारत का एक साधन के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
यूक्रेनी दूतावास ने कहा- ऐसा दृष्टिकोण न केवल गलत है बल्कि यह एक ऐसे राष्ट्र का घोर अपमान है, जिसकी सभ्यतागत परंपरा हजारों साल पुरानी है, जिसके पास एक मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था है और जो स्वतंत्र संस्थाओं से युक्त है।
वहीं, भारत को मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं वाला एक संप्रभु राष्ट्र बताते हुए दूतावास ने आगे कहा- यह भारत की संप्रभुता के प्रति गहरी उपेक्षा और इस बात को समझने में विफलता को दर्शाता है कि इसकी न्याय प्रणाली न तो बाहरी राजनीतिक निर्देशों के आधार पर काम करती है और न ही कभी करेगी।
इसके अलावा, यूक्रेनी दूतावास ने यह भी कहा- दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में सुनियोजित दखलंदाजी, हेरफेर, गलत जानकारी फैलाना और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की खुलेआम अवहेलना करना, ये सब आज की रूसी विदेश नीति की पहचान हैं।
बता दें कि भारत में 6 यूक्रेनी नागरिकों को 13 मार्च 2026 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि वह पर्यटक वीजा पर भारत आए थे। बिना अनुमति मिजोरम (उत्तर-पूर्व भारत, म्यांमार सीमा वाला राज्य) गए। इन पर यूएपीए यानी आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भारत में यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि भारत में यूक्रेनी दूतावास ने घटना को छिपाने और अपने नागरिकों की संदिग्ध गतिविधि को दबाने की कोशिश की। इसी बयान पर यूक्रेन ने पलटवार किया है।
Published on:
26 Mar 2026 03:59 pm
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