Volodymyr Zelenskyy Visits Flood-Hit Region Of Kherson: यूक्रेन के सबसे बड़े काखोवका बांध के तबाह होने से आस-पास के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। खेरसन के इलाके में भी बाढ़ का असर देखने को मिला। ऐसे में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेन्स्की ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायज़ा लिया।
15 महीने से ज़्यादा समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) में दो दिन पहले एक नया मोड़ आया, जब रूस के हमले में यूक्रेन का सबसे बड़ा काखोवका बांध (Kakhovka Dam) तबाह हो गया। काखोवका बांध सिर्फ पानी के लिए नहीं, न्यूक्लियर एनर्जी के हिसाब से भी काफी अहम था। यूक्रेन का सबसे बड़ा बांध होने की वजह से यह बड़ी मात्रा में पानी को रोकता था। पर इसके तबाह होने से सारा पानी ज़मीन पर आ गया और आस-पास के इलाकों में घुस गया। इससे आस-पास बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। खेरसन (Kherson) का कुछ इलाका भी इसमें शामिल है।
जायज़ा लेने के लिए पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की
खेरसन के एक इलाके में बाढ़ की वजह से पैदा हुए हालात का जायज़ा लेने के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) मौके पर पहुंचे। बांध के तबाह होने के बाद ज़ेलेन्स्की ने तुरंत इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी। इस समय यूक्रेन के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। ऐसे में ज़ेलेन्स्की ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरी स्थिति और खतरे की मॉनिटरिंग की जा रही है।
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हज़ारों लोग पहुंचे सुरक्षित स्थान
काखोवका बांध के तबाह होने की वजह से आस-पास के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। ऐसे में बाढ़ से बचने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं। अब तक हज़ारों लोग अपनी जान बचाने के लिए अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। इसके लिए ज़्यादातर लोगों नांवों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रूस ने यूक्रेन पर लगाया बांध को तबाह करने का आरोप
काखोवका बांध को तबाह करने के लिए सभी जहाँ रूस पर आरोप लगा रहे हैं, वहीं इस मामले में रूस ने यूक्रेन पर आरोप लगाया है। यूनाइटेड नेशंस (UN) के कोर्ट में रूस के एक डिप्लोमैट ने आज बयान देते हुए कहा है कि काखोवका बांध को तबाह करने में रूस का हाथ नहीं है, बल्कि यूक्रेन ने इस हरकत को अंजाम दिया है। साथ ही उसने इस मामले की जांच कराने की भी मांग की है।
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