5 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UN में पास हुआ गाज़ा में युद्ध-विराम का प्रस्ताव, जानिए क्या रहा भारत का पक्ष

Ceasefire in Gaza: इज़रायल और हमास के बीच युद्ध-विराम और सीज़फायर का प्रस्ताव हाल ही में यूएन की जनरल असेंबली में पेश किया गया। साथ ही इसे पास भी कर दिया गया।

2 min read
Google source verification
ceasefire_in_gaza.jpg

Ceasefire in Gaza

इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच 7 अक्टूबर को शुरू हुए युद्ध की वजह से गाज़ा (Gaza) के साथ ही आसपास के इलाकों में भी तबाही मची हुई है। 24 नवंबर से युद्ध पर पहले 4 दिन के लिए, फिर 2 दिन और फिर 1 दिन यानी कि एक एक हफ्ते का विराम विराम ज़रूर लगा पर उसके खत्म होने के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। युद्ध शुरू होने के बाद इज़रायली सेना ने फिर से तेज़ी से हमले शुरू कर दिए। इज़रायली हमलों में अब तक 18 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है और इस युद्ध का सबसे ज़्यादा असर गाज़ा पर ही पड़ रहा है। बढ़ती तबाही के चलते दुनियाभर के कई देश इस युद्ध पर विराम लगाने की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में यूनाइटेड नेशन्स (United Nations - UN) की जनरल असेंबली UNGA में इस बारे में प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे पास कर दिया गया है।


153 देशों ने किया समर्थन, 10 ने किया विरोध

ग़ाज़ा में युद्ध विराम के प्रस्ताव पर 153 सदस्य देशों ने समर्थन दिया। वहीं 10 देशों ने इसका विरोध भी किया। 23 देश अनुपस्थित रहे। ऐसे में ज़्यादा समर्थन मिलने से यह प्रस्ताव पास हो गया।

क्या रहा भारत का पक्ष?

भारत ने भी गाज़ा में युद्ध विराम के समर्थन में वोट दिया। हालांकि भारत ने 7 अक्टूबर को हमास की तरफ से इज़रायल पर किए गए हमले को आतंकी हमला भी करार दिया।

प्रस्ताव में क्या मांग की उठाई गई?

यूएन की जनरल असेंबली में पास किए गए प्रस्ताव में गाज़ा में तत्काल रूप से मानवीय युद्ध विराम की मांग उठाई गई और साथ ही सीज़फायर के सही ढंग से पालन की भी मांग की गई। नागरिकों की सुरक्षा को अहम बताया गया और सभी बंधकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई के साथ ही मानवीय सहायता को भी अहमियत देने और बिना किसी विरोध के पहुंचाने की मांग रखी गई।

यह भी पढ़ें- उत्तरी अमेरिका के पक्षियों को दिए जाएंगे नए नाम, जानिए वजह