
Iran-Israel war
Iran-Israel war: ईरान में अमेरिका और इजरायल की संयुक्त हवाई कार्रवाई से शुरू हुए संघर्ष ने भारी मानवीय संकट पैदा कर दिया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि घायलों की संख्या भी हजारों में है। अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण गणना अभी बाकी है, इसलिए वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक हो सकती है। कई अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचने से बचाव और इलाज कार्य प्रभावित हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में 3.2 मिलियन (32 लाख) लोग बेघर हो चुके हैं। ये लोग मुख्य रूप से तेहरान और अन्य बड़े शहरों से भागकर उत्तर और ग्रामीण इलाकों की ओर जा रहे हैं। तेहरान में अकेले 14,000 से अधिक आवास क्षतिग्रस्त हुए हैं और कम से कम 6,000 लोगों को सरकारी होटलों में ठहराया गया है। कुल 85,176 से ज्यादा सिविलियन साइट्स प्रभावित हुई हैं, जिनमें 282 स्वास्थ्य केंद्र, 600 स्कूल और 64,583 आवास शामिल हैं।
परमाणु संयंत्रों, रिफाइनरियों और डीसेलिनेशन प्लांट्स पर भी हमलों से बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सहायता एजेंसियां और पड़ोसी देश एक बड़े शरणार्थी संकट की तैयारी कर रहे हैं। तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और अजरबैजान ने सीमा पर बढ़ती आवाजाही की रिपोर्ट दी है, हालांकि इराक की ओर से वापसी की संख्या अभी कम है। केवल 325 ईरानी नागरिकों ने संकट का हवाला देते हुए बॉर्डर पार किया है।
लेबनान में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। इजरायली सैन्य अभियान के कारण दक्षिणी लेबनान के हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल (NRC) के अनुसार, इजरायली सेना ने करीब 1,470 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र (लेबनान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 14 प्रतिशत) को खाली करने के आदेश जारी किए हैं। इससे 3 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और संख्या बढ़ने की आशंका है।
संघर्ष के 27 दिन पूरे होने के बाद भी युद्धविराम की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है। होर्मुज स्टेट के आंशिक बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट भी गहराया है। मानवीय संगठन तत्काल युद्धविराम और राहत सामग्री की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष जारी रहा तो विस्थापन और मौतों की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा असर पड़ेगा।
Updated on:
26 Mar 2026 10:51 pm
Published on:
26 Mar 2026 10:50 pm
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