
Israel considering leaving United Nations
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच 7 अक्टूबर को शुरू हुआ युद्ध अभी भी जारी है। हमास के शुरू किए युद्ध में घुसपैठ इज़रायल में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 200 से ज़्यादा लोगों को बंधक बना लिया था। 100 से ज़्यादा लोग अभी भी हमास की कैद में हैं। हमास से बदला लेने के लिए इज़रायली सेना ने गाज़ा (Gaza) और आसपास के फिलिस्तीनी इलाकों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए थे। इस सैन्य कार्रवाई में अब तक इज़रायल के 600 से ज़्यादा सैनिक भी मारे जा चुके है, लेकिन इज़रायली सेना ने 37 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों को मार दिया है। दुनिया के कई देश इज़रायल की इस सैन्य कार्रवाई की निंदा कर रहे हैं। यूनाइटेड नेशन्स - यूएन (United Nations - UN) भी इज़रायल की निंदा कर चुका है और इज़रायल के खिलाफ कई एक्शन भी ले चुका है। हाल ही में यूएन ने इज़रायल के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया है।
इज़रायली सेना को किया बच्चों को नुकसान पहुंचाने वालों की ब्लैकलिस्ट में शामिल
यूएन ने हाल ही में इज़रायल की सेना को बच्चों को नुकसान पहुंचाने वालों की ब्लैकलिस्ट में शामिल कर दिया है। इस बात की जानकारी यूएन के जनरल सेक्रेटरी एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने दी है। हमास के खिलाफ इस युद्ध में इज़रायली सेना ने बच्चों को भी नहीं छोड़ा और उन्हें भी मारा। इसी वजह से इज़रायल की सेना को इस ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया है। इस लिस्ट में इज़रायली सेना के अलावा हमास, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद, इस्लामिक स्टेट, बोको हराम जैसे आतंकी संगठन भी शामिल हैं।
Updated on:
08 Jun 2024 12:02 pm
Published on:
08 Jun 2024 12:02 pm
