
अमेरिकी ड्रोन। (फाइल फोटो- The Washington Post)
एक तरफ अमेरिका हॉर्मुज में ईरान की नाकेबंदी कर रहा है। दूसरी तरफ खुद उसके सबसे महंगे और ताकतवर ड्रोन एक-एक करके गिरते जा रहे हैं। यह जंग सिर्फ जमीन और समुद्र पर नहीं, आसमान में भी लड़ी जा रही है। और वहां नुकसान बहुत बड़ा है।
अमेरिकी नौसेना की सेफ्टी कमांड हर बड़े हादसे की एक डिटेल रिपोर्ट जारी करती है। इस बार उस रिपोर्ट में एक छोटी सी लाइन थी जो बहुत कुछ कह गई।
रिपोर्ट में लिखा था- 9 अप्रैल 2026 को MQ-4C ड्रोन क्रैश हो गया, इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, रिपोर्ट में जगह को गुप्त रखा गया। बताया जा रहा है कि यह ड्रोन अमेरिका का सबसे महंगा जासूसी ड्रोन था। इसकी कीमत लगभग 240 मिलियन डॉलर थी।
MQ-4C Triton कोई साधारण ड्रोन नहीं था। इसे नॉर्थरॉप ग्रुमन कंपनी ने बनाया है और यह खासतौर पर समुद्री निगरानी के लिए तैयार किया गया था। यह ड्रोन 50,000 फीट यानी करीब 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगातार 24 घंटे से भी ज्यादा उड़ सकता था।
इसकी रेंज करीब 13,700 किलोमीटर थी। इसमें 360 डिग्री घूमने वाले सेंसर लगे थे जो एक साथ बहुत बड़े इलाके पर नजर रख सकते थे। सीधे शब्दों में कहें तो यह आसमान में उड़ता हुआ एक जासूस था जो दुश्मन को भनक लगे बिना हर हरकत रिकॉर्ड करता था। और यह फारस की खाड़ी में गिर गया।
CBS न्यूज के हवाले से Xinhua की रिपोर्ट में बताया गया कि 1 अप्रैल से अब तक अमेरिका के 24 MQ-9 Reaper ड्रोन भी ईरान के साथ इस टकराव में नष्ट हो चुके हैं। इनकी कुल कीमत करीब 720 मिलियन डॉलर यानी करीब 6,000 करोड़ रुपये बैठती है।
MQ-9 Reaper एक लड़ाकू ड्रोन है जो जासूसी भी करता है और जरूरत पड़ने पर हमला भी। एक अकेले Reaper की कीमत 30 मिलियन डॉलर से ज्यादा होती है।
अब इसमें Triton का 240 मिलियन डॉलर जोड़ लीजिए। कुल मिलाकर सिर्फ ड्रोन के मोर्चे पर अमेरिका का नुकसान करीब 960 मिलियन डॉलर यानी लगभग 8,900 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
दिलचस्प बात यह है कि जब यह हादसा हुआ तब पहली खबरें आई थीं कि ईरानी सेना ने इस ड्रोन को मार गिराया। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इसे 'क्रैश' बताया और जगह का नाम भी गुप्त रखा।
यह अंतर महत्वपूर्ण है। 'मार गिराया' और 'क्रैश हुआ' दोनों अलग-अलग कहानियां हैं। अमेरिका ने अपनी रिपोर्ट में चुप्पी साधकर बीच का रास्ता निकाला।
हॉर्मुज की नाकेबंदी, ईरानी बंदरगाहों पर रोक, दर्जनों युद्धपोत और अब ड्रोन का यह नुकसान। अमेरिका की यह सैन्य कार्रवाई हर दिन अरबों रुपये खर्च कर रही है। और सबसे बड़ा सवाल यह है कि आसमान में चल रही इस अदृश्य लड़ाई में अभी और कितने ड्रोन गिरेंगे।
Published on:
15 Apr 2026 03:02 pm
