
Donald Trump, Raul Castro (Photo Credit- IANS/@DiazCanelB)
Donald Trump Cuba statement: अमेरिका और क्यूबा के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका में फ्लोरिडा की एक ग्रैंड जूरी ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के खिलाफ साल 1996 में दो अमेरिकी नागरिक विमानों को मार गिराने के मामले में आरोप पत्र जारी किया है। इस आरोप पत्र में कास्त्रो पर अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश रचने, विमान नष्ट करने और हत्या के चार संगीन आरोप लगाए गए हैं। कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने मियामी में आयोजित एक समारोह के दौरान इस फैसले को सार्वजनिक किया, जहां 1996 की इस त्रासदी में जान गंवाने वाले चार अमेरिकी नागरिकों को श्रद्धांजलि दी जा रही थी।
इस बड़े कानूनी कदम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक बयान दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका अब 'क्यूबा को स्वतंत्र करा रहा है' और वहां के नागरिकों की मानवीय आधार पर मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि द्वीप राष्ट्र में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की मजबूत पकड़ और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की क्यूबाई पृष्ठभूमि के चलते अमेरिका के पास इस क्षेत्र की गहरी समझ और विशेषज्ञता है। ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में कोई सैन्य तनाव नहीं बढ़ेगा, क्योंकि मौजूदा क्यूबा सरकार वहां अपना नियंत्रण खो चुकी है।
दूसरी तरफ, क्यूबा सरकार ने अमेरिका के इन आरोपों और दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। क्यूबा के मौजूदा राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल बरमूडाज ने इसे अमेरिका का अहंकार और राजनीतिक पैंतरेबाजी करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अमेरिकी सरकार को घेरते हुए कहा कि इस आरोप पत्र का कोई कानूनी आधार नहीं है, बल्कि यह क्यूबा के खिलाफ भविष्य में किसी सैन्य आक्रामकता को सही ठहराने के लिए तैयार किया जा रहा एक मनगढ़ंत डोजियर मात्र है। फिलहाल इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक कड़वाहट और गहराने की आशंका पैदा हो गई है।
यह मामला साल 1995 से शुरू होता है, जब 'ब्रदर्स टू द रेस्क्यू' नाम के संगठन के विमान अकसर हवाना के आसमान में उड़ान भरते थे और क्यूबा सरकार के विरोध में पर्चे गिराया करते थे। क्यूबा ने इस पर सख्त ऐतराज जताते हुए अमेरिकी सरकार को चेतावनी भी दी थी कि वह अपनी संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए कोई भी कदम उठा सकता है। इसके बाद, 24 फरवरी 1996 को हवाना के उत्तरी इलाके में क्यूबा के हवाई क्षेत्र के करीब एक बड़ी घटना हुई। क्यूबा के रूसी निर्मित मिग-29 लड़ाकू विमानों ने दो निहत्थे सेसना नागरिक विमानों को मार गिराया, जिससे उनमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
पूर्व संघीय अभियोजक गाय लुईस के मुताबिक, जब इस मामले की जांच की गई तो क्यूबा के बड़े सैन्य अफसरों और ड्रग तस्करी के बीच साठगांठ के पुख्ता सबूत हाथ लगे थे। इन सबूतों के बावजूद, उस दौर के अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और विदेश नीति के बिगड़ने के डर से राउल कास्त्रो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई या अभियोग चलाने का फैसला टाल दिया था, जिसे अब जाकर अमलीजामा पहनाया गया है।
Published on:
21 May 2026 06:22 am
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