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अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के बाद पाकिस्तान की कूटनीति फेल? जानें ऐसा क्यों हुआ

Iran Israel Lebanon tensions: सीजफायर की घोषणा होने के बाद 12 घंटे के भीतर दोनों देशों के बीच फिर से बयानबाजी शुरू हो गई है। साथ ही सवाल उठने लगे कि क्या पाकिस्तान की कूटनीति फेल हो गई?

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भारत

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Ashib Khan

Apr 09, 2026

पाकिस्तान की मध्यस्ता में ईरान-अमेरिका के बीच हुई मध्यस्थता (Photo-IANS)

Pakistan mediation US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का सीजफायर का लागू हो गया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से यह समझौता हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा की। दरअसल, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने बैकचैनल बातचीत के जरिए ट्रंप और अब्बास अराघची के बीच संदेश पहुंचाए।

सीजफायर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद अपनी ट्रुथ सोशल पोस्ट में पाकिस्तान का नाम लिया और कहा कि शरीफ-मुनीर की अपील पर उन्होंने ईरान पर हमले रोक दिए, बशर्ते कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तुरंत खोल दे। 

हालांकि सीजफायर की घोषणा होने के बाद 12 घंटे के भीतर दोनों देशों के बीच फिर से बयानबाजी शुरू हो गई है। साथ ही सवाल उठने लगे कि क्या पाकिस्तान की कूटनीति फेल हो गई? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीजफायर के पहले दिन ही विवाद खड़े हो गए।

लेबनान को लेकर मतभेद

दरअसल, ईरान और पाकिस्तान ने दावा किया कि सीजफायर हर जगह लागू होगा, इसमें लेबनान भी शामिल है। लेकिन दूसरी तरफ, इजरायल और अमेरिका ने कहा कि लेबनान इसमें शामिल नहीं है। दोनों देशों के बीच लेबनान को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। नतीजे यह भी रहे कि इजरायल ने लेबनान में भारी हमले जारी रखे, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौतें हुईं। 

इसके बाद ईरान ने लेबनान में हुए हमले को सीजफायर का उल्लंघन माना है। साथ ही बदले की धमकी भी दी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अनिश्चितता

सीजफायर की एक शर्त स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर थी। इसके बाद ईरान ने कहा कि दो हफ्ते तक होर्मुज खुला रहेगा। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने फिर से इस रास्ते को बंद करने की खबरें सामने आईं हैं। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के मुताबिक, जहाजों के पहुंचने पर रोक लगा दी गई है।

ट्रंप ने दी धमकी

सीजफायर का ऐलान होने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैनिक, साथ ही अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और कोई भी दूसरी चीज जो पहले से ही काफी कमजोर हो चुके दुश्मन को पूरी तरह से खत्म करने और तबाह करने के लिए सही और जरूरी हो, ईरान के अंदर और आसपास तब तक मौजूद रहेंगे, जब तक कि असली समझौता पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता। 

उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी भी वजह से ऐसा नहीं होता है – जिसकी संभावना बहुत कम है – तो गोलीबारी शुरू हो जाएगी, जो पहले कभी किसी ने नहीं देखी होगी – उससे भी ज़्यादा बड़ी, बेहतर और ताकतवर।