
जंग का भयावह मंजर । (फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)
Global Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तीखा जंगी संघर्ष अब अपने 50वें दिन में प्रवेश कर चुका है। हालात सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया था कि वह तेहरान के साथ एक शांति समझौते को लेकर बहुत आशान्वित हैं और अब बातचीत में कोई बड़ी अड़चन नहीं बची है। लेकिन उनके इस बयान के कुछ ही घंटों बाद, ईरान ने सख्त कदम उठाते हुए रणनीतिक रूप से बेहद अहम 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को दुबारा बंद कर दिया। ईरान की साफ शर्त है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों से अपनी नाकाबंदी पूरी तरह से नहीं हटा लेता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा। वहीं, अमेरिका का कहना है कि जब तक समझौता 100 प्रतिशत लागू नहीं हो जाता, तब तक पाबंदियां जारी रहेंगी। इससे पहले लेबनान युद्धविराम के चलते इस मार्ग को कुछ शर्तों के साथ खोला गया था, लेकिन अब स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है।
ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका संवर्धित यूरेनियम का भंडार किसी भी कीमत पर देश से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।
ईरान की सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहीम रेजई ने बताया कि वे होर्मुज में पारंपरिक टोल नहीं लगाएंगे, लेकिन 'जलडमरूमध्य की सुरक्षा' के नाम पर जहाजों से शुल्क वसूल करने के लिए एक नया कानून बना रहे हैं। अमेरिका और इजराइल के सैन्य जहाजों की एंट्री पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर पश्चिमी देश अलर्ट हो गए हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ऐलान किया है कि जैसे ही हालात थोड़े सामान्य होंगे, फ्रांस और ब्रिटेन मिलकर इस जलमार्ग में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए एक बहुराष्ट्रीय मिशन का नेतृत्व करेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी होर्मुज को खुला रखने के पक्ष में हैं। ट्रंप ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन की एक 'ऐतिहासिक यात्रा' करने का भी हिंट दिया है। लेबनान और यमन का कनेक्शन: जहां एक तरफ अमेरिका और ईरान उलझे हैं, वहीं लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा है कि उनका देश अब दूसरों के युद्ध का मैदान नहीं बनेगा और वे स्थायी शांति की ओर बढ़ रहे हैं।
दूसरी ओर, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लेबनान के समर्थन में सना में विशाल रैली निकाली है। हूतियों ने खुली चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे इस महायुद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने से पीछे नहीं हटेंगे।
Updated on:
18 Apr 2026 10:10 pm
Published on:
18 Apr 2026 08:11 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
