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ईरान-अमेरिका बातचीत को लेकर रूस का चौंकाने वाला खुलासा, कहा- सब नाटक है, असल में जंग की तैयारी चल रही

रूस ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल शांति वार्ता की आड़ में ईरान पर जमीनी हमले की तैयारी कर रहे हैं। रूसी सुरक्षा परिषद के अनुसार, बातचीत के दौरान भी अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैनिक संख्या बढ़ा रहा है, जबकि ईरान के पास मजबूत जवाबी क्षमता है।

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भारत

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Mukul Kumar

Apr 16, 2026

Vladimir Putin

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (Photo-IANS)

एक तरफ दुनिया यह सोच रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकलेगा, इस बीच रूस ने एक ऐसी बात कह दी है, जिसे सुनकर सभी दंग रह जायेंगे।

रूसी सुरक्षा परिषद ने सीधे आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल इस शांति वार्ता की आड़ में ईरान पर जमीनी हमले की तैयारी कर रहे हैं।

टास न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रूसी सुरक्षा परिषद ने कहा कि जब बातचीत चल रही है तब भी अमेरिका लगातार इस इलाके में अपनी फौज बढ़ा रहा है। पेंटागन क्षेत्र में सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है। और साथ में यह भी कहा कि ईरान के पास जवाब देने की पूरी क्षमता है।

लावरोव ने अमेरिका को दी नसीहत

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को एक्स पर एक तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को जब भी कोई सरकार पसंद नहीं आती तो वह उससे लड़ने लगता है। मेरी सलाह है कि पहले बात करो।

लावरोव ने यह भी कहा कि आज तक किसी भी देश ने अमेरिका से बातचीत से इनकार नहीं किया। जब भी रिश्ते टूटे तो उसकी वजह अमेरिका की अपनी नीतियां रहीं। समझौते अमेरिका ने किए और उनसे मुकरा भी अमेरिका ही।

पाकिस्तानी सेना प्रमुख तेहरान पहुंचे

इस सारे तनाव के बीच पाकिस्तान एक अहम भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। बुधवार को पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचे।

उनका मकसद था अमेरिका का संदेश ईरान तक पहुंचाना और दूसरे दौर की बातचीत की जमीन तैयार करना। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मुनीर का स्वागत किया और एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान ने इस बातचीत को संभव बनाने में जो भूमिका निभाई है उसके लिए शुक्रिया।

440 किलोग्राम यूरेनियम का क्या होगा?

बातचीत में सबसे बड़ा पेच यह है कि ईरान के पास करीब 440 किलोग्राम अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम है। इसका क्या होगा यह तय नहीं हो पा रहा। कुछ विकल्प सामने हैं।

एक यह कि इसे किसी तीसरे देश में भेज दिया जाए। दूसरा यह कि यूरेनियम संवर्धन का स्तर कम कर दिया जाए। इसके अलावा यूरेनियम संवर्धन को कितने साल के लिए रोका जाए इस पर भी बात चल रही है।

अमेरिका 20 साल चाहता है जबकि ईरान पांच साल से ज़्यादा देने को तैयार नहीं है। पाकिस्तानी अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बातचीत में कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। आसिम मुनीर तेहरान के बाद वाशिंगटन भी जाएंगे।

दुनिया देख रही है किसकी चलती है

एक तरफ रूस कह रहा है कि यह सब नाटक है और हमला होने वाला है। दूसरी तरफ पाकिस्तान कह रहा है कि अभी उम्मीद बाकी है। और अमेरिका है जो एक साथ बातचीत भी कर रहा है और फौज भी बढ़ा रहा है।