दूसरी तरफ, दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पर भी टिकी थीं, जो फिलहाल पूरी तरह अधर में लटक गई है। इस वार्ता के ठप होने की इनसाइड स्टोरी काफी दिलचस्प है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका द्वारा उनके बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक घेराबंदी को इस विफलता का मुख्य कारण बताया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का स्पष्ट कहना है कि तेहरान बातचीत और सहमति के पक्ष में है, लेकिन अमेरिकी धमकियां और आर्थिक घेराबंदी असली रुकावट हैं।