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युद्ध की आग में जल रहे अरबों डॉलर! अमेरिका हर दिन फूंक रहा ₹8200 करोड़, भारत पर भी मंडराया खतरा!

पेंटागन ने कांग्रेस को बताया कि पहले सप्ताह का खर्च 6 अरब डॉलर रहा, जिसमें एयर ऑपरेशंस पर रोजाना 30 मिलियन डॉलर, नेवल पर 15 मिलियन और ग्राउंड पर 1.6 मिलियन डॉलर खर्च हो रहे हैं।

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US Iran War Cost Daily

US Iran War Cost Daily

US Military Expenditure Iran Conflict: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका प्रतिदिन लगभग 891 मिलियन डॉलर (करीब 8200 करोड़ रुपये) खर्च कर रहा है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के विश्लेषण के अनुसार, युद्ध के पहले सप्ताह में ही अमेरिका ने 6 अरब डॉलर खर्च किए, जिसमें से 4 अरब डॉलर सिर्फ मुनिशन्स और मिसाइल इंटरसेप्टर्स पर गए। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दो महीने का युद्ध अमेरिका को 40-95 अरब डॉलर (करीब 3.3-8 लाख करोड़ रुपये) का सीधा नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि कुल आर्थिक प्रभाव 210 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

रोजाना खर्च 30 मिलियन डॉलर

पेंटागन ने कांग्रेस को बताया कि पहले सप्ताह का खर्च 6 अरब डॉलर रहा, जिसमें एयर ऑपरेशंस पर रोजाना 30 मिलियन डॉलर, नेवल पर 15 मिलियन और ग्राउंड पर 1.6 मिलियन डॉलर खर्च हो रहे हैं। अमेरिका ने क्षेत्र में 50,000 से अधिक सैनिक, दो एयरक्राफ्ट कैरियर, दर्जनों युद्धपोत और अतिरिक्त बॉम्बर तैनात किए हैं। ईरान के सस्ते शाहेद ड्रोन्स और मिसाइलों को रोकने के लिए महंगे इंटरसेप्टर्स (जैसे पैट्रियट 4 मिलियन डॉलर, THAAD 12 मिलियन डॉलर प्रति मिसाइल) का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे लागत आसमान छू रही है।

पहले 100 घंटों में खर्च हुए 3.7 अरब डॉलर

CSIS के मुताबिक, पहले 100 घंटों में ही 3.7 अरब डॉलर खर्च हुए, जिसमें 2000 से अधिक मुनिशन्स का उपयोग हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को शॉर्ट टर्म बताया और कहा कि ईरान से अनकंडीशनल सरेंडर चाहिए। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वे ईरान को बड़ा, बेहतर और मजबूत बनाएंगे, लेकिन आलोचक इसे मेक ईरान ग्रेट अगेन कहकर कटाक्ष कर रहे हैं। डेमोक्रेट्स ने कहा कि ट्रंप मिडिल ईस्ट में अरबों डॉलर फूंक रहे हैं, जबकि अमेरिका में हेल्थकेयर और न्यूट्रिशन प्रोग्राम्स कट रहे हैं।

क्रूड ऑयल हुआ महंगा

इस युद्ध का सबसे बड़ा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (जो वैश्विक तेल का 25% और LNG का 20% हैंडल करता है) में टैंकर ट्रैफिक लगभग रुक गया है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, पीक पर 119.50 डॉलर तक गया। कतर ने फोर्स मेज्योर घोषित किया, सऊदी के रास तनुरा रिफाइनरी पर हमला हुआ। अमेरिका में पेट्रोल 3.41 डॉलर/गैलन (43 सेंट बढ़ा), डीजल 4.51 डॉलर/गैलन (75 सेंट बढ़ा) हो गया। यूरोप में डीजल दोगुना, एशिया में जेट फ्यूल 200% महंगा हुआ।

भारत पर भी मंडरा रहा खतरा

भारत पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि देश 80-90% तेल और LPG आयात करता है, जिसमें मिडिल ईस्ट से बड़ा हिस्सा होर्मुज से गुजरता है। भारत ने LPG सिलेंडर की कीमतें बढ़ाईं-14.2 किलो घरेलू सिलेंडर दिल्ली में 913 रुपये (60 रुपये बढ़ा), कमर्शियल 1883 रुपये (115 रुपये बढ़ा)। सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल कर रिफाइनर्स से LPG उत्पादन बढ़ाने को कहा। क्रूड 10 डॉलर बढ़ने से भारत में महंगाई 0.2-0.25% बढ़ सकती है। रेमिटेंस और एक्सपोर्ट्स भी प्रभावित हो सकते हैं।