
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)
US opened embassy in Venezuela: साल 2026 के शुरुआत में अमेरिकी डेल्टा फोर्सेज के जवानों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था। उनके खिलाफ अमेरिकी अदालत में कार्रवाई जारी है। अब अमेरिका वेनेजुएला की नई सरकार के साथ लगातार अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश में जुटा है।
अमेरिका ने सोमवार को काराकास में अपने दूतावास में काम फिर से शुरू कर दिया। कई वर्षों तक सीमित जुड़ाव के बाद वेनेजुएला में अपनी राजनयिक मौजूदगी को फिर से खोल दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि मार्च 2019 से वेनेजुएला के साथ अमेरिकी कूटनीति का काम कोलंबिया के बोगोटा में स्थित अमेरिकी दूतावास की 'वेनेजुएला मामलों की इकाई' के जरिए किया जा रहा था।
विभाग ने कहा कि सोमवार को हम औपचारिक रूप से काराकास में अमेरिकी दूतावास में काम फिर से शुरू कर रहे हैं। यह वेनेजुएला में हमारी राजनयिक मौजूदगी में एक नए अध्याय की शुरुआत है। राजदूत लॉरा एफ. डोगू जनवरी में काराकास पहुंची थीं, ताकि वह इस मिशन की अगुवाई कर सकें। वह दूतावास को फिर से ठीक करने और कर्मचारियों की वापसी की तैयारियों पर नजर रख रही हैं।
उनकी टीम दूतावास की मुख्य इमारत की मरम्मत का काम कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इससे जितनी जल्दी हो सके, कर्मचारियों की पूरी वापसी हो पाएगी और आगे चलकर कांसुलर सेवाओं को फिर से शुरू करने में भी मदद मिलेगी। विदेश विभाग ने इस कदम को वेनेज़ुएला के लिए राष्ट्रपति की तीन-चरणों वाली योजना में एक अहम पड़ाव बताया है।
विभाग ने कहा कि दूतावास को फिर से खोलने से वेनेजुएला की अंतरिम सरकार, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र के साथ अमेरिका का जुड़ाव बेहतर होगा। काराकास में अमेरिकी दूतावास को 2019 में तब बंद कर दिया गया था, जब दोनों देशों के बीच रिश्ते बिगड़ गए थे और तनाव काफी बढ़ गया था। तब से अधिकारी कोलंबिया में स्थित 'वेनेज़ुएला मामलों की इकाई' के ज़रिए ही अपना काम कर रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि अहम सेवाएं अलग-अलग चरणों में फिर से शुरू की जाएंगी। वीज़ा और कांसुलर सेवाओं से जुड़े कामों में अभी थोड़ा और समय लगेगा। यह वापसी इस बात का संकेत है कि वॉशिंगटन वेनेजुएला के संस्थानों, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र के साथ सीधे तौर पर फिर से जुड़ना चाहता है।
यह अमेरिकी प्रशासन की एक बड़ी और चरणबद्ध योजना को भी दिखाता है। इस योजना का मकसद कई सालों तक सीमित संपर्क और राजनीतिक मतभेदों के बाद, दोनों देशों के रिश्तों को स्थिर बनाना, काउंसलर सेवाओं को फिर से शुरू करना और इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना है।
Published on:
31 Mar 2026 07:07 am
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