
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- AI)
जब दुनिया में कहीं युद्ध होता है तो सबसे पहले यह सवाल उठता है कि इससे असली में फायदा किसको हो रहा है? जहां गरीब देशों के लोग मर रहे होते हैं, वहीं अमेरिका जैसे अमीर देश और अमीर होते जाते हैं।
अभी भी यही हो रहा है। ईरान युद्ध से अमेरिका काफी मालामाल हो गया है। यह बात किसी आम आदमी ने नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट के जाने-माने जानकार वाइल अव्वाद ने कही है।
ट्रंप भले ही कह रहे हों कि उन्होंने ईरान की नौसेना को "खत्म" कर दिया, लेकिन तेहरान से आ रही खबरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
अव्वाद के मुताबिक ईरान का दावा है कि अमेरिकी मरीन और कमांडो खार्ग द्वीप पर जमीनी हमले की कोशिश में पकड़े गए। खार्ग द्वीप ईरान का सबसे अहम तेल केंद्र है। अगर यह दावा सच है तो यह युद्ध की दिशा बदलने वाली खबर है।
अव्वाद ने साफ किया कि ईरान कोई कमजोर देश नहीं है जो झुक जाएगा। इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान लगातार इसी दिन की तैयारी करता आया है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो दशों में मोसाद और CIA की गुप्त कार्रवाइयों में ईरान के 19,500 से ज्यादा वैज्ञानिक, नौकरशाह और नेता मारे जा चुके हैं।
इस दर्द को ईरान भूला नहीं है। इसीलिए वो 9,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले कर चुका है और उसके पास अभी 15,000 और ठिकानों की सूची तैयार है।
हम सब यही सोचते थे कि खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे उन देशों की रक्षा के लिए हैं। लेकिन अव्वाद ने बताया कि अब हो यह रहा है कि अरब देश खुद अमेरिकी अड्डों की रखवाली कर रहे हैं।
जब इजराइल ने कतर पर हमला किया तो अमेरिका चुप रहा। अब जब ईरान इन अड्डों पर हमले कर रहा है तो अरब देशों के सैनिक उनकी रक्षा में जुटे हैं। यह खेल पूरी तरह उलटा हो गया है।
इस बीच, अव्वाद ने एक गंभीर चेतावनी भी दी। उनका कहना है कि ईस्टर के आसपास किसी बड़ी साजिश या 'डर्टी बम' जैसी घटना का डर है जो दक्षिण एशिया में अफरातफरी मचा सकती है।
ट्रंप हर रोज नए-नए बयान दे रहे हैं और साथ में और सैनिक भेजे जा रहे हैं। ऐसे में यह युद्ध और बड़ा होने का खतरा बना हुआ है।
Published on:
30 Mar 2026 03:27 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
