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US-Israel-Iran War: डोनाल्ड ट्रंप बोले-ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका, अभी जारी रहेगा ऑपरेशन एपिक फ्यूरी

Donald Trump on US-Israel-Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग में जीत का दावा करते हुए राष्ट्र को संबोधित किया। जानें होर्मुज स्ट्रेट, ईरान की मिसाइल क्षमता और सहयोगी देशों पर ट्रंप के कड़े रुख के बारे में पूरी जानकारी।

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Donald trump on on US-Israel-Iran War

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

US-Israel-Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार गुरुवार की सुबह अपने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता खत्म हो गई है। ईरान के सभी बड़े नेता मारे जा चुके हैं। एक महीने से ईरान से जंग जारी है। मैंने कहा था कि मैं कभी भी परमाणु प्रोग्राम को सफल नहीं होने दूंगा। आपने देखा है कि इजरायल और हम इस काम में लगे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट पर क्या बोल ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में अमेरिका के अहम रणनीतिक मकसद लगभग पूरे हो चुके हैं। वह ईरान में मिशन समाप्त करने के करीब है। काम पूरा होने में 2 से 3 हफ्ते और लग सकते हैं। अगने दो-तीन हफ्तों में हम सख्त रवैया अपनाएंगे। हम उनसे कोई डील नहीं करने वाले हैं। उन्होंने फिर से सहयोगी देशों की कड़ी आलोचना की और कहा उन्होंने इस लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया। होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की जिम्मेदारी अब उन्हीं देशों को लेनी चाहिए। अमेरिका अपनी तेल जरूरतों के लिए इस रास्ते पर निर्भर नहीं है, इसलिए वह इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा।

'ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए'

अमेरिकी राष्ट्रपति ने राष्ट्र के नाम संबोधन में अपने सहयोगियों खासकर इजरायल और खाड़ी देशों को धन्यवाद दिया। उन्होंने बहुत अच्छा साथ दिया। हम किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं होने देंगे। हम असफल नहीं होने देंगे। इन देशों पर ईरान ने कई हमले किए। इस कारण ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, ऐसे आतंकवादी अगर परमाणु हथियार हासिल कर लेते तो यह बड़ा खतरा होता। मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा। हमारे पिछले किसी भी राष्ट्रपति को भी ऐसा नहीं होने देना चाहिए था। इस तरह की स्थिति 47 साल से चल रही। इसे बहुत पहले ही संभाल लिया जाना चाहिए था।

'मिडिल-ईस्ट और इजरायल को तबाही से बचाया'

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनकी सख्त नीति ने मिडिल ईस्ट और इजरायल को तबाही से बचाया। इसी नीति में ईरान के साथ उनके पहले कार्यकाल में 2015 का परमाणु समझौता खत्म करना भी शामिल है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुआ समझौता जारी रहता तो ईरान के पास बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों का जखीरा होता।

'ईरान से किसी डील की जरूरत नहीं'

राष्ट्र के नाम संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ जंग खत्म करने के लिए किसी डील की जरूरत नहीं है। अमेरिका इस जंग को 2-3 सप्ताह में खत्म कर सकता है। जब हमे लगेगा कि वे इतने कमजोर हो गए हैं कि कई वर्षों तक परमाणु हथियार नहीं बना सकते तब हम वहां से निकल जाएंगे। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास जो यूरेनियम शेष है, उसको लेकर चिंता नहीं है। वह जमीन के अंदर है। इसे आसानी से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान हो चुका है।