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अमेरिका ने दूसरी बार रिजेक्ट किया फिलिस्तीनी राष्ट्रपति का वीजा, इस साल भी यूएन महासभा में शामिल नहीं हो पाएंगे महमूद अब्बास

palestinian president visa ban: अमेरिका ने दूसरी बार फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास का वीजा रिजेक्ट कर दिया है। अब यूएन महासभा में अब्बास शामिल नहीं हो पाएंगे।
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भारत

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Mukul Kumar

Sep 17, 2026

mahmud abbas

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास। (फोटो- ANI)

mahmoud abbas visa rejected: फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में शामिल होने के लिए वीजा नहीं मिलेगा। अमेरिका ने सीधे उनका वीजा रिजेक्ट कर दिया है।

यह दूसरी बार है, जब महमूद अब्बास का अमेरिका ने वीजा रिजेक्ट किया है। पिछले साल भी वह ययूएन महासभा में शामिल नहीं हो पाए थे। तब भी अब्बास को अमेरिका आने की इजाजत नहीं मिली थी और उन्हें वीडियो के जरिए ही भाषण देना पड़ा था।

लोग जरूरी सुधार नहीं कर रहे

अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ कह दिया है कि फिलिस्तीनी अथॉरिटी और पीएलओ के अधिकारियों पर वीजा पाबंदियां जारी रहेंगी। उनका आरोप है कि ये लोग जरूरी सुधार नहीं कर रहे और शांति की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

पिछले साल जब अब्बास को वीजा नहीं मिला तो सदस्य देशों ने वीडियो भाषण की इजाजत दी थी। इस बार भी यही स्थिति बन रही है। न्यूयॉर्क पहुंचने से रोक दिए जाने के बाद अब्बास को फिर से दूर से ही बात रखनी पड़ेगी।

शांति प्रक्रिया पर सवाल

अमेरिका का कहना है कि फिलिस्तीनी नेतृत्व सुधारों में नाकाम रहा है। इस वजह से उनके कई अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध बढ़ा दिए गए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मध्य पूर्व में तनाव पहले से ही काफी ज्यादा है।

इन संगठनों को भी नहीं मिला वीजा

अमेरिका ने फिलिस्तीनी अथॉरिटी (पीए) के अधिकारियों और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) के सदस्यों पर वीजा पाबंदियां बढ़ा दी हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये दोनों संगठन वॉशिंगटन से किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम रहे हैं।

विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि पीए और पीएलओ ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट और इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में इजराइल के खिलाफ कार्रवाई की है, बातचीत के बिना फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दिलाने की कोशिश की है।

अधिकारियों का नाम जारी नहीं किया गया

विभाग ने कहा कि ये कदम 'मिडिल ईस्ट पीस कमिटमेंट्स एक्ट ऑफ 2002' के तहत वीजा न देने के लिए उठाए गए हैं। विभाग ने उन अधिकारियों के नाम नहीं बताए जिन पर इसका असर पड़ेगा। विभाग ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में पीएलओ ऑब्जर्वर मिशन में तैनात कर्मचारियों के लिए छूट की व्यवस्था बनी रहेगी।

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