
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से मुकाबला करने के लिए यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल सिस्टम देने का ऐलान किया। (फोटो क्रेडिट: Alex Raufoglu.)
Trump Announces Patriot Missile System Ukraine: यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से जारी युद्ध (US vs Russia Ukraine war) में अमेरिका ने यूक्रेन को एक बड़ी सैन्य मदद देने का फैसला किया है। अमेरिका अब यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Patriot missile system Ukraine) देने जा रहा है, जिससे वह रूस (Russia reaction to Patriot missiles) के ड्रोन और मिसाइल हमलों से अपनी रक्षा कर सकेगा। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम अमेरिका (US military aid to Ukraine) का सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका काम है हवा में उड़ते हुए दुश्मन के ड्रोन, बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों को पहचानना और उन्हें हवा में ही नष्ट करना। यह सिस्टम तेजी से टारगेट को पकड़ता है और सटीक निशाना लगाता है।
एक पूरी पैट्रियट मिसाइल बैटरी तैयार करने में करीब 1 अरब डॉलर (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) तक की लागत आती है। इसमें एक साथ कई लॉन्चर, एडवांस्ड रडार और कंट्रोल सिस्टम होते हैं। हर एक मिसाइल की कीमत ही करीब 25 करोड़ रुपये होती है।
रूस ने यूक्रेन के शहरों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इससे यूक्रेन को भारी नुकसान हुआ है। अमेरिका द्वारा दिया गया यह सिस्टम यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करेगा और नागरिकों की जान बचाने में मदद करेगा।
अमेरिका के इस फैसले पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि पैट्रियट मिसाइल सिस्टम भेजना "उकसाने वाला कदम" है और इससे संघर्ष और तेज हो सकता है। रूसी सेना के एक प्रवक्ता ने इसे "खुले रूप में पश्चिमी हस्तक्षेप" बताया और कहा कि अमेरिका यूक्रेन को युद्ध में लंबा टिकाए रखना चाहता है।
अमेरिका द्वारा पैट्रियट सिस्टम देने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले चरण में अमेरिका या नाटो देश यूक्रेन को और भी एडवांस सैन्य उपकरण दे सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका अब F-16 फाइटर जेट्स और एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम पर भी विचार कर रहा है। वहीं यूक्रेन की सेना ने कहा है कि वह पैट्रियट सिस्टम को तुरंत मोर्चे पर तैनात करने की तैयारी में है।
यह पहली बार नहीं है जब पैट्रियट सिस्टम यूक्रेन को दिया जा रहा है। इससे पहले जर्मनी और पोलैंड भी सीमित मात्रा में पैट्रियट यूनिट्स भेज चुके हैं, लेकिन अमेरिका की बैटरी ज्यादा एडवांस और शक्तिशाली मानी जाती है। यह सिस्टम अमेरिका द्वारा बनाए गए PAC-3 वर्जन का हिस्सा है, जो बेहद सटीक और तेज है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका का शामिल होना सिर्फ डिफेंस नहीं, बल्कि रणनीतिक दबाव की रणनीति भी है।
Updated on:
14 Jul 2025 08:54 pm
Published on:
14 Jul 2025 08:53 pm
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