25 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमेरिका को ‘बाहुबली’ समझता था ईरान, ट्रंप की एक चाल ने ईरानी सेना का तोड़ दिया भरोसा! अब क्यों उड़ रहा मजाक?

ईरान की नजर में अमेरिका की ‘बाहुबली’ वाली छवि अब पूरी तरह धूमिल हो चुकी है। एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी ने अमेरिका की हालिया कूटनीतिक पहलों को महज दिखावा बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का वैश्विक प्रभाव अब समाप्त हो चुका है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Mar 25, 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- The Washington Post)

ईरान की नजरों में अमेरिका की छवि कभी 'बाहुबली' की तरह थी। जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी तरह से धूमिल कर दिया है। ईरान सेना के एक बड़े अधिकारी के बयान में इस बात की झलक दिखी है।

ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने अमेरिका की हालिया कूटनीतिक पहलों को महज एक दिखावा बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका का जो वैश्विक प्रभाव कभी था, वह अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है।

रणनीतिक हार की ओर अमेरिका

ईरान के सरकारी मीडिया, 'प्रेस टीवी' की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफिकारी ने बुधवार को कहा कि अमेरिका जिस रणनीतिक शक्ति का पहले दिखावा करता था, वह अब रणनीतिक हार में बदल चुकी है।

सैन्य अधिकारी की यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा तनाव कम करने के लिए उठाए गए एक अहम कदम के बाद आई है। ट्रंप ने हाल ही में ईरान के पावर प्लांटों पर हमला करने के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम से कदम पीछे खींच लिए थे।

हार को समझौता मत कहो

अमेरिकी रुख में आए इस बदलाव पर टिप्पणी करते हुए जोलफिकारी ने कहा- अगर दुनिया की स्व-घोषित महाशक्ति इस मुश्किल हालात से बच निकल सकती, तो वह अब तक ऐसा कर चुकी होती। अपनी हार को समझौता मत कहो।

उनका ये बयान राष्ट्रपति ट्रंप के 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर किए गए दावों का सीधा जवाब लगता है। ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म पर कहा था कि दोनों देशों के बीच पिछले दो दिनों में शत्रुता को पूरी तरह से खत्म करने के संबंध में बहुत अच्छी और रचनात्मक बातचीत हुई है।

हालांकि, 'प्रेस टीवी' ने तेहरान के एक जानकार सूत्र का हवाला देते हुए अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। सूत्र ने सोमवार को स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच कोई भी आधिकारिक बातचीत नहीं हुई है।

अमेरिका की बातों पर भरोसा करने का जमाना चला गया

उधर, जोलफिकारी ने भी इसी बात का समर्थन करते हुए कहा कि अब अमेरिका की बातों पर भरोसा करने का जमाना चला गया है।

उन्होंने कहा- तुम्हारे वादों का जमाना खत्म हो चुका है। आज दुनिया में सिर्फ दो ही पक्ष हैं: सत्य और असत्य। सत्य की खोज करने वाला हर आजादी-पसंद इंसान तुम्हारे मीडिया के प्रचार से गुमराह नहीं होगा।

प्रवक्ता ने अमेरिकी प्रशासन के भीतर मची कथित आंतरिक उथल-पुथल का भी मजाक उड़ाया। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या तुम्हारी आपसी कलह इस हद तक पहुंच गई है कि अब तुम खुद से ही बातचीत करने लगे हो?