1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चीन से तनाव के बीच अमरीका का बड़ा फैसला, ट्रेज़री सेक्रेटरी जेनेट येलेन जाएगी बीज़िंग

Janet Yellen's China Visit: पिछले करीब एक साल से अमरीका और चीन के संबंधों में दरार आ गई है। कुछ समय पहले अमरीकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए चीन का दौरा भी किया था। पर इसका कुछ खास फायदा नहीं दिखा। ऐसे में हाल ही में अमरीका की तरफ से एक बड़ा फैसला लिया गया है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Tanay Mishra

Jul 03, 2023

janet_yellen.jpg

Janet Yellen

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में अमरीका (United States Of America) और चीन (China) का नाम टॉप पर रहता है। अमरीका और चीन दोनों ही दुनिया के सामने अपनी पावर दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते और दोनों देशों की यह कोशिश रहती है कि दोनों एक-दूसरे से आगे रहे। पर दुनिया की इन दो सुपरपावर्स के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पिछले करीब एक साल में दोनों देशों के बीच संबंधों में दरार आ गई है और जो समय और कुछ कारणों से सिर्फ बढ़ी ही है। कुछ समय पहले अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन चीन के दौरे पर भी गए थे, पर उसका कुछ खास फायदा नज़र नहीं आया। अब अमरीका ने एक और बड़ा फैसला लिया है।


अमरीकी ट्रेज़री सेक्रेटरी जाएंगी चीन

चीन के साथ तनाव की स्थिति को देखते हुए अमरीका ने इसमें सुधार के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अमरीका की ट्रेज़री सेक्रेटरी जेनेट येलेन (Janet Yellen) इस हफ्ते चीन जाएगी। जेनेट का यह दौरा 6 से 9 जुलाई तक होगा और इस दौरान वह चीन की राजधानी बीज़िंग (Beijing) जाएगी।


यह भी पढ़ें- कौन था नाहेल? जिसकी हत्या की वजह से फ्रांस में भड़क उठे दंगे

पहले जता चुकी हैं इच्छा

अमरीका और चीन के बीच संबंधों को देखते हुए जेनेट चीन जाने की इच्छा पिछले साल ही जता चुकी हैं। हालांकि वह अब तक चीन जा नहीं पाई, पर अब उनके चीन के दौरे की पुष्टि हो गई है।

दोनों देशों के संबंधों पर होगी बातचीत

अपने चीन दौरे के दौरान जेनेट बीज़िंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) समेत कुछ दूसरे प्रमुख अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकती हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अमरीका और चीन के बिगड़े संबंधों पर बातचीत करके उन्हें सुधारने की कोशिश करना है।

दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ने के कुछ कारण

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले एक साल में कई मुद्दों की वजह से दोनों देशों के बीच संबंधों में दरार पड़ गई। चाहे वो चीन-ताइवान विवाद में अमरीका का ताइवान को खुले तौर पर समर्थन देना हो, या अमरीका में चीन के जासूसी बैलून मिलने के साथ ही अवैध पुलिस स्टेशंस होने की खबर, या फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के मामले में चीन का रूस को समर्थन देना हो, इन सब मुद्दों की वजह से अमरीका और चीन के संबंधों में खटास आई। इसके अलावा कोरोना महामारी में चीन की भूमिका भी दोनों देशों के संबंधों में दरार लाने का कारण बनी।

कुछ समय पहले ब्लिंकन के चीन जाने के बाद लगा था कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है, पर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) के चाइनीज़ राष्ट्रपति जिनपिंग को तानाशाह कहने से बात कुछ बिगड़ गई थी।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में दो बसों की हुई जोरदार टक्कर, 7 लोगों की मौत