
रूस और चीन से डरा अमरीका, अब बनाएगा स्पेस फोर्स
वॉशिंगटन । रूस और चीन से आसन्न खतरे को देखते हुए वाइट हाउस ने गुरुवार को एक नई सेना बनाने का ऐलान किया है। वाइट हाउस की विज्ञप्ति के अनुसार अमरीका ने 2020 तक यूएस स्पेस फोर्स बनाने का फैसला किया है। यह नई सेवा अमरीका मिलटरी सेवा से अलग उसकी छठीं सैन्य सेवा होगी। अमरीका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने पेंटागन की एक स्पीच के दौरान इस नई फोर्स की घोषणा की।
पेंस की इस घोषणा के बाद अमरीकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर लिखा है कि स्पेस फोर्स आ रही है। ट्रंप ने स्पेस फोर्स बनाने की प्रक्रिया को अपने 2020 के अमरीकी चुनाव के कैंपेन से भी जोड़ दिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से इस विशाल मिशन को प्रचारित करने और इलेक्शन के लिए फंड इकठ्ठा करने को कहा है।
क्यों है यह तैयारी
बताया जा रहा है कि अमरीका के इस कदम के पीछे रूस और चीन का डर सबसे अधिक जिम्मेदार है। अमरीकी उपराष्ट्रपति ने कहा, "वर्षों से हमारे विरोधियों ने हमारे नेविगेशन और कम्युनिकेशन सैटलाइट्स को जमीन से इलेक्ट्रॉनिक हमले कर जाम और प्रभावित करने की कोशिश की। अब उनकी मंशा साफ हो गई कि वह हमें सपेस में भी चुनौती दे रहे हैं। हमारे विरोधियों ने स्पेस को रणभूमि में बदल दिया है।हम उन्हें बताना चाहते हैं कि अमरीका इस चुनौती से पीछे नहीं हटेगा।
अभी लम्बा है रास्ता
अमरीका के उपराष्ट्रपति ने इस नई फोर्स की घोषणा जरूर कर दी है लेकिन अभी इस मिशन को अमरीकी कांग्रेस की अनुमति की जरूरत है। ट्रंप प्रशासन के सामने इस फैसले को लेकर कई चुनौतियां भी हैं। इसके अलावा इस मिशन को लेकर मिलिटरी तकनीशियनों की अपनी आशंकाएं है। उनका कहना है कि नई मिलिटरी सर्विस सुरक्षा सम्बन्धी कई नई परेशानियां खड़ी कर सकती है।
आसमान में होगा अमरीकी राज
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेस में अमरीकी प्रभुत्व को सुनिश्चित करने का फैसला किया है। इस आशय की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति पेंस ने कहा कि स्पेस एक समय शांतिपूर्ण और निर्विरोध क्षेत्र था लेकिन अब यहां भीड़ हो गई है। प्रतिकूल होती स्थितियों में अब अमरीका को धरती आकाश और जल के साथ-साथ अंतरिक्ष में भी अपना प्रभुत्व स्थापित करने की जरुरत है। पेंस ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अब अमरीका के लिए तैयार रहना बहुत जरूरी है।
Published on:
11 Aug 2018 09:10 am
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