3 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गाजा में अनोखा अंतिम संस्कार, मासूमों के कंधे पर उठा जनाजा, वीडियो वायरल

गाजा (Gaza) से एक वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ छोटे बच्चे एक गुड़िया का जनाजा निकालते हुए नजर आ रहे है। यह वीडियो बच्चों पर पड़े युद्ध के गहरे असर को दर्शाता है। वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Apr 03, 2026

gaza

गुड़िया का अंतिम संस्कार करते बच्चे (फोटो- NADA एक्स पोस्ट)

गाजा (Gaza) पट्टी में जारी संघर्ष ने आम जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। यहां के लोग लंबे समय से हिंसा, विस्थापन और असुरक्षा के बीच जी रहे हैं। इसी सच्चाई को दर्शाने वाला एक वीडियो इन दिनों तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में गाजा में फैली त्रासदी को एक और भावनात्मक रूप में पेश किया गया है। वीडियो में छोटे बच्चे एक गुड़िया का अंतिम संस्कार करते नजर आ रहे है। यह दृश्य केवल एक खेल नहीं बल्कि उस गहरे मानसिक आघात का प्रतीक है, जिसे वहां के बच्चे हर दिन झेल रहे हैं।

विस्थापन शिविर में रिकॉर्ड किया गया वीडियो

गाजा के एक विस्थापन शिविर में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में पांच बच्चे एक अस्थायी स्ट्रेचर पर गुड़िया को रखकर जनाजा निकालते दिखते हैं। न कोई बड़ों की मौजूदगी, न धार्मिक अनुष्ठान, सिर्फ मासूम हाथ और गंभीर चेहरे। यह दृश्य इस बात को उजागर करता है कि बच्चों के खेल अब उनकी कल्पना नहीं बल्कि उनके आसपास की वास्तविकता से प्रभावित हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के अनुसार, गाजा में बच्चों का जीवन लगातार संकट में है। स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं लगभग नष्ट हो चुकी हैं। ऐसे माहौल में बच्चे न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

मानसिक स्वास्थ्य और कुपोषण सबसे बड़ी चिंता

गाजा के बच्चों के लिए सबसे बड़ी चिंता मानसिक स्वास्थ्य और कुपोषण बन चुकी है। लगातार हिंसा, अपनों को खोने का दर्द और अस्थिर जीवनशैली उनके मन पर गहरा असर डाल रही है। कई बच्चे डर, चिंता और अवसाद जैसे लक्षणों से गुजर रहे हैं, जिनका इलाज मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, भोजन और पोषण की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई बच्चे पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण शारीरिक विकास में पिछड़ रहे हैं। स्कूलों पर हमलों और उनके शरणस्थल में बदल जाने से शिक्षा भी बाधित हो गई है, जिससे भविष्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।

दो वर्षों में हजारों लोगों की जान गई

गाजा में युद्ध की मानवीय कीमत बेहद भयावह रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो वर्षों में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। चिकित्सा जर्नल और शोध संस्थानों के आंकड़े बताते हैं कि मृत्यु दर लगातार बढ़ी है और जीवन प्रत्याशा में भारी गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परिस्थितियां न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर भी गहरा असर डालेंगी। बच्चों के खेल में झलकती यह त्रासदी इस बात का संकेत है कि गाजा में युद्ध केवल जमीन पर नहीं बल्कि मासूम दिमागों में भी लड़ा जा रहा है।