
ज़ेलेंस्की ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। (फोटो /X@ZelenskyyUa)
Defense Cooperation: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग के चलते यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने शनिवार को मध्य पूर्व के देशों की एक महत्वपूर्ण यात्रा की, जिसके तहत उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर (Qatar) के साथ रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का संकल्प लिया है। सऊदी अरब के दौरे के तुरंत बाद ज़ेलेंस्की ने इन दोनों देशों के साथ सुरक्षा और सैन्य सहयोग (Defense Cooperation) पर विस्तृत चर्चा की। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इस दौरान विशेष रूप से ईरानी हमलों (Iranian Attacks) और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा (Strait of Hormuz Security) पर चिंता व्यक्त की। चार साल से रूस के साथ जारी भीषण युद्ध (Ongoing Conflict) के अनुभवों को साझा करते हुए यूक्रेन ने अपने सहयोगियों को आधुनिक सुरक्षा तकनीक (Security Systems) देने की पेशकश की है, जो दुश्मन के घातक ड्रोन और मिसाइलों को आसमान में ही ढेर कर सकती है।
यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात के दौरान ज़ेलेंस्की ने ईरान की ओर से किए जाने वाले हमलों और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य की संभावित नाकाबंदी पर लंबी बात की। ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि यूक्रेन के पास रूसी हमलों का मुकाबला करने का व्यापक अनुभव है और वे अपनी एयर डिफेंस विशेषज्ञता यूएई के साथ साझा करने को तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन ने एक ऐसी प्रणाली विकसित की है जो दुश्मन के हमलों को रोकने में अत्यधिक प्रभावी साबित हुई है। उनका मानना है कि तेल बाजारों की स्थिरता और निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए यह सहयोग आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
यूएई के बाद वलोडिमिर ज़ेलेंस्की कतर की राजधानी दोहा पहुंचे, जहाँ उनका स्वागत कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने किया। इस ऐतिहासिक मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा क्षेत्र में एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत दोनों देश संयुक्त रूप से रक्षा उद्योग परियोजनाओं पर काम करेंगे और सैन्य उपकरणों के उत्पादन के लिए सह-उत्पादन सुविधाएं स्थापित करेंगे। ज़ेलेंस्की ने कतर के नेतृत्व को रूस द्वारा यूक्रेन पर किए जा रहे लगातार हमलों और रूस-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य गठजोड़ के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
कतर की यात्रा के दौरान ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन के लिए इस समय अपनी हवाई रक्षा प्रणालियों (Air Defense) को मजबूत करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि रूस और ईरान के बीच गहराते सैन्य सहयोग ने यूक्रेन और मध्य पूर्व दोनों के लिए सुरक्षा चुनौतियां पैदा की हैं। यूक्रेन अब अपने साझेदार देशों के साथ तकनीकी और रणनीतिक अनुभवों का एकीकरण कर रहा है ताकि रूसी मिसाइल और ड्रोन खतरों का डटकर मुकाबला किया जा सके। ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि खाड़ी देशों का समर्थन न केवल यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा करेगा, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को भी बढ़ावा देगा।
यूक्रेन का खाड़ी देशों की ओर यह झुकाव दिखाता है कि ज़ेलेंस्की अब रूस-ईरान गठबंधन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काउंटर करने के लिए नए और मजबूत सहयोगियों की तलाश में हैं। इस समझौते के बाद जल्द ही यूक्रेन और कतर के रक्षा विशेषज्ञों की एक टीम संयुक्त उत्पादन इकाइयों के लिए जमीन और तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण शुरू कर सकती है। ज़ेलेंस्की की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है, जिससे यह साफ होता है कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक तेल राजनीति में भी अपनी भूमिका देख रहा है। (इनपुट: ANI)
Updated on:
28 Mar 2026 08:36 pm
Published on:
28 Mar 2026 08:35 pm
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