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ईरान के खिलाफ अभी नहीं रुकेगा युद्ध, इज़रायल की ईरानी यूरेनियम पर नज़र

Iran-US Israel War: इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ अभी युद्ध नहीं रुकेगा। क्या है इज़रायल का प्लान? आइए जानते हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

Mar 31, 2026

Attack on Iran

Attack on Iran (Photo - Washington Post)

ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel War) का आज 32वां दिन है और अभी भी युद्ध रुका नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि ईरान से अप्रयत्क्ष रूप से बातचीत जारी है, लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों की ओर से हमले नहीं रुक रहे। ट्रंप ने ईरान के खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर हमला करने और ईरानी तेल को कब्ज़े में लेने के साथ ही ईरान के सभी ऊर्जा संयंत्रों को भी तबाह करने की भी धमकी दी है। हालांकि उन्होंने जल्द ही युद्ध खत्म करने की भी इच्छा जताई है। इसी बीच अब इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने एक बड़ी बात कह दी है।

क्या है इज़रायल का प्लान?

इज़रायली पीएम नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध आधे से ज़्यादा पूरा हो चुका है, लेकिन अभी रुकेगा नहीं। नेतन्याहू ने कहा कि इज़रायल की नज़र ईरान के यूरेनियम के भंडार पर है। गौरतलब है कि परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम बहुत ज़रूरी है और इसी वजह से इज़रायल चाहता है कि ईरान के यूरेनियम भंडार को हटाकर इसे अंतर्राष्ट्रीय अधिकारियों को सौंप दिया जाए। नेतन्याहू ने यह भी बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भी यही मांग है।

सैन्य-परमाणु क्षमता को खत्म करने के लिए उठाए जा रहे अहम कदम

नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को खत्म करना ज़रूरी है और इसके लिए उनकी सेना अहम कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि इज़रायली सेना ईरान के सैन्य, परमाणु और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को कमज़ोर करने के अपने मिशन को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है, जिसमें उन्हें सफलता भी मिल रही है।

क्या है सैन्य कार्रवाई का मकसद?

नेतन्याहू ने बताया,कि इज़रायल ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं को पहले ही कमज़ोर कर दिया है, फैक्ट्रियाँ नष्ट कर दी हैं और प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों को खत्म कर दिया है। इससे ईरान की महत्वाकांक्षाएं कई साल पीछे हो गई हैं। नेतन्याहू ने ज़ोर देकर कहा कि इस सैन्य कार्रवाई का मकसद न सिर्फ कम समय के लिए ईरान को कमज़ोर करना है, बल्कि भविष्य में होने वाले कहीं ज़्यादा बड़े खतरे को भी रोकना है।