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Weird Tax System: कभी पेशाब और दाढ़ी पर भी लगता था टैक्स, ना चुकाने पर मिलती खौफनाक सज़ा, लिस्ट देख चौंक जाएंगे

Weird Tax System: आज से करीब 300 से 500 से साल पहले भारत समेत दुनिया के कई देशो में कई तरह के अजीबोगरीब टैक्स सिस्टम थे। जिसमें ब्रेस्ट टैक्स, दाढ़ी रखने पर टैक्स, खिड़की लगाने पर टैक्स तक शामिल हैं। 

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Weird tax System including Breast Tax in Indian and World

Weird tax System including Breast Tax in Indian and World

Weird Tax System: आज के भारत में और आज की इस दुनिया में आपको हर चीज की सुविधा है। अपनी हर बात कहने की आजादी है। अगर आप कुछ कहते हैं तो आपको सुना जाता है। सबसे बड़ी बात ये है कि आप अपना व्यक्तित्व खुद की मर्जी से बना पाते हैं और उसे निखार पाते हैं। लेकिन कल्पना कीजिए कि जो बातें अभी हमने कही हैं उसका ठीक उल्टा हो जाए, आपसे आपकी मर्जी छीन ली जाए, आपसे आपकी अभिव्यक्ति छीन ली जाए और उस पर एक कर यानी टैक्स (Tax) लगा दिया जाए तो आपको कैसा लगेगा और आप कैसे जी पाएंगे। आपके लिए ये बस कल्पना है लेकिन सोचिए आज से 300 से 500 साल पहले तक ये सारी बातें सच थीं। तब भारत में महिलाओं को अपने स्तन तक ढकने तक का अधिकार नहीं था, अगर वो ऐसा करती थीं तो उन्हें भारी-भरकम टैक्स देना पड़ता था। जी हां…ऐसा होता और भारत में कई सालों तक इस कर व्यवस्था ने राज किया है। आज हम आपको देश-दुनिया के ऐसे ही कुछ अजीबोगरीब टैक्स सिस्टम के बारे में बता रहे हैं जिसे सुनकर आपकी होश ही नहीं उड़ेंगे बल्कि आपकी रूह तक थर्रा उठेगी।

खिड़की पर टैक्स (Window Tax)

साल 1696 में इंग्लैंड में ये विंडो टैक्स (खिड़की लगाने पर कर) लगाया गया था। य़े टैक्स सिस्टम तब ब्रिटेन के किंग विलियम III ने लगवाया था। इसमें घरों पर उनकी खिड़कियों की संख्या के आधार पर टैक्स लगाया जाता था। 10 से ज्यादा खिड़कियों वाले घरों को भारी 10 शिलिंग (तब की इंग्लैंड का मुद्रा) का भुगतान करना पड़ता था। हालात तो ये हो गए थे कि (Weird Tax System) लोगों ने टैक्स सिस्टम से बचने के लिए अपने घरों में खिड़की बनवाना बंद कर दिया था जिससे लोगों की गंभीर बीमारियां होने लगी थीँ। फिर भी इस बेहुदा टैक्स सिस्टन ने इंग्लैंड में 156 साल तक राज किया। 156 साल बाद साल 1851 में इस टैक्स सिस्टम को निरस्त कर दिया गया।

पेशाब पर टैक्स (Urine Tax)

आपको जानकर हैरानी होगी कि लगभग 500 से 800 साल पहले रोम (Rome) में पेशाब पर टैक्स लगाया जाता था। क्योंकि तब रोम पेशाब को हर घर से इकट्ठा किया जाता था। जिससे कपड़े धोने और खाद में इस्तेमाल किया जाता था। दरअसल पेशाब में अमोनिया होता है इसलिए रोमन सम्राट वेस्पासियन ने इफिसस (आज का तुर्की) के सार्वजनिक शौचालयों से इकट्ठे किए गए पेशाब के व्यापार पर टैक्स लगा दिया था। वेस्पासियन ने इस टैक्स को फ्लेवियन एम्फीथिएटर, जिसे कोलोसियम के नाम से जाना जाता है, जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम करने के लिए लगाया था।

टॉयलेट फ्लश टैक्स (Toilet Flush Tax)

आपको जानकर होगी कि अमेरिका में टॉयलेट का फ्लश इस्तेमाल करने पर भी टैक्स लगा हुआ था। अमेरिका के मैरिलैंड में इसे पानी की बचत का तरीका बताया गया था। इस नियम के मुताबिक कोई व्यक्ति जितनी बार फ्लश करता उसे उतनी ही करेंसी की टैक्स देना होता। 

दाढ़ी रखने पर टैक्स (Beard Tax)

1535 में इंग्लैंड में दाढ़ी रखने पर टैक्स लगाया जाने लगा था। राजा हेनरी-8 ने 1535 में ये दाढ़ी कर लगाया था। लेकिन इस टैक्स पर काफी विंडबना इसलिए देखी जाती है क्योंकि राजा हेनरी खुद दाढ़ी रखते थे। इस टैक्स के नियम के मुताबिक अगर किसी शख्स को दाढ़ी रखनी है तो उसे टैक्स देना होता था। इंग्लैंड के बाद ये टैक्स रूस में भी सन् 1700 में लगाया गया था। जिसकी वजह ये बताई गई थी कि वो रूस के राजा पीटर इंग्लैंड समेत यूरोप के लोगों की तरह अपने देश के लोगों को भी आधुनिक दिखाना चाहते थे।

नमक टैक्स (Salt Tax)

भारत में अंग्रेजों के शासन के वक्त नमक पर कर लगाया था। नमक जो भोजन का मूलभूत आधार होता है। महात्मा गांधी ने ही दांडी मार्च चलाकर नमक पर हटवाय़ा था। सिर्फ भारत में ही नहीं नमक पर कर करीब 500 साल 14वीं सदी के दौरान पहले फ्रांस में शुरू किया गया था। इसके बाद इस टैक्स को 1945 में खत्म कर दिया गया था। 

ब्रेस्ट टैक्स (Breast Tax)

19वीं शताब्दी के दौरान जब भारत अंग्रेजों का गुलाम था तब केपल के त्रावणकोर में राजा ने समाज की वंचित वर्ग की महिलाओं पर स्तन कर लगाया गया था। निचली जाति की महिलाओं को अपने स्तन ढकने की अनुमति नहीं थी और अगर वो ऐसा करतीं वो उन पर भारी भरकम टैक्स लगाया जाता था। इस टैक्स का सबसे बेहुदा सिस्टम ये था कि हर महिला के स्तन के साइज़ के मुताबिक ही टैक्स देना होता था। हद तो तब पार हो गई थी जब टैक्स कलेक्ट करने वाले कर्मियों को ही उन महिलाओं के स्तनों को मापने का अधिकार दे दिया गया था। 

इस कर व्यवस्था से महिलाओं को कई सालों तक बेहद कष्टकारी जीवन जीने को मजबूर होना पड़ा। लेकिन एझावा जाति की नांगेली नाम की महिला की वजह से ब्रेस्ट टैक्स से मुक्ति मिली। दरअसल नांगेली ने ब्रेस्ट टैक्स का विरोध किया। जब टैक्स कलेक्टर को ये पता चला कि नांगेली ने टैक्स देने से मना कर दिया है तो वो उसके घर तक चला गया और उससे कानून तोड़ने से रोकने के लिए कहा। नांगेली ने उसकी बात नहीं मानी और धारदार हथियार से अपने स्तन काट दिए। नंगेली के इस बलिदान को भारत के गौरवशाली इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। इस बलिदान के चलते ही त्रावणकोर की सभी महिलाओं को इस कष्टकारी जीवन से मुक्ति मिली और राजा ने ये ब्रेस्ट टैक्स वापस ले लिया।

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