20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

US Presidential Elections 2024: जानिए क्या है ‘समोसा कॉकस’, अमेरिकी सियासत में बना रहा दबदबा 

US Presidential Elections 2024: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में फिलहाल पांच भारतीय मूल के अमरीकी हैं। ये खुद को समोसा कॉकस कहते हैं। कैलिफोर्निया से अमी बेरा और रो खन्ना सांसद हैं।

2 min read
Google source verification
Samosa Caucus

Samosa Caucus

US Presidential Elections 2024: अमरीका में ‘समोसा कॉकस’ (Samosa Caucus) का दबदबा बढ़ रहा है। राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय मूल के एक और व्यक्ति की अमरीकी कांग्रेस में एंट्री की संभावना है। वर्जीनिया के डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में सुहास सुब्रमण्यम (Suhas Subramaniam) ने जीत दर्ज की है। वह कर्नाटक की राजधानी बंगलूरु (Bangalore)से हैं। उनकी जीत के साथ नवंबर में होने वाले आम चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के तौर पर उनके चयन का रास्ता साफ हो गया है। यह सीट इसलिए काफी महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें वॉशिंगटन के कुछ उपनगर शामिल हैं।

सुहास सुब्रमण्यम ने 11 उम्मीदवारों को पछाड़ा। उनसे पहले पिछले सप्ताह न्यूजर्सी में भारतीय-अमरीकी राजेश मोहन हाउस सीट के लिए रिपब्लिकन का टिकट अपने नाम कर चुके हैं। हालांकि उन्हें कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि न्यूजर्सी को डेमोक्रेटिक का गढ़ माना जाता है।

‘समोसा कॉकस’ क्या

प्रतिनिधि सभा में फिलहाल पांच भारतीय मूल के अमरीकी हैं। ये खुद को समोसा कॉकस कहते हैं। कैलिफोर्निया से अमी बेरा और रो खन्ना सांसद हैं। इसी तरह वॉशिंगटन से प्रमिला जयपाल, इलिनोइस से राजा कृष्णमूर्ति और मिशिगन से श्री थानेदार सांसद हैं।

कैसे गढ़ा गया ये शब्द

दरअसल आमतौर पर लोग समोसे को भारतीय पहचान से जोड़कर देखते हैं जो अब दुनिया में भी काफी मशहूर है। हालांकि समोसा मूलरूप से भारत का नहीं है। फिर भी आम लोग समोसा को भारतीय ही मानते हैं इसलिए अमेरिकी की प्रतिनिधि सभा में जो 5 भारतीय हैं उन्होंने अपने आपको भारतीय बताने के लिए और जताने के लिए समोसा कॉकस का नाम दिया था ताकि समोसा के नाम से ही लोगों को ये पता चले कि ये प्रतिनिधि भारत से हैं

संबंधित खबरें

साइबर सुरक्षा पर किया था उल्लेखनीय काम

सुहास सुब्रमण्यम पेशे से वकील हैं। वह अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रौद्योगिकी सलाहकार रह चुके हैं। ओबामा के समय उन्होंने साइबर सुरक्षा और सरकारी एजेंसियों के आधुनिकीकरण पर उल्लेखनीय काम किया। वह 2019 में वर्जीनिया जनरल असेंबली और पिछले साल स्टेट सीनेट के लिए चुने गए थे।

ये भी पढ़ें- डोनाल्ड ट्रंप या जो बाइडेन… किसके अमेरिकी राष्ट्रपति बनने से होगा भारत को फायदा?

ये भी पढ़ें- समोसे के बाद अब भारत के गोलगप्पे ने दुनिया में मचाई धूम, अमेरिका के व्हाइट हाउस के मेन्यू में हुआ शामिल

ये भी पढ़ें- भारत के चुनाव जैसा हो रहा अमेरिकी इलेक्शन का माहौल, लोगों के सिर चढ़कर बोल रहे ये नारे