
संयुक्त राष्ट्र संघ (Photo - UN)
UN Secretary General election: संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव का चुनाव इस साल किया जाएगा। नए महासचिव का पांच वर्षीय कार्यकाल 1 जनवरी 2027 से शुरू होगा। इस बार पहली यूएन को पहली महिला महासचिव मिल सकती है। वर्तमान प्रमुख एंतोनियो गुतारेस के उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है:
किसी भी उम्मीदवार को किसी सदस्य देश द्वारा नामित किया जाना आवश्यक है। परंपरागत रूप से यह पद क्षेत्रों के बीच घूमता है और अब अगली बारी लैटिन अमेरिका की मानी जा रही है। हालांकि, अन्य क्षेत्रों के उम्मीदवार भी सामने आ सकते हैं। 1 अप्रैल तक नामांकन की समयसीमा तय की गई है ताकि उम्मीदवार अप्रैल के तीसरे सप्ताह में होने वाले संवाद सत्रों में भाग ले सकें, जहां वे अपनी योजना प्रस्तुत करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रोसी दौड़ में शामिल हैं। एक अन्य उम्मीदवार मैकी सैल हैं, जो सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति हैं। मालदीव के वर्जीनिया गांबा के नामांकन को वापस लेने के बाद चिली ने भी पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बेचलेट के समर्थन से हाथ खींच लिया है। अब मैदान में केवल एक महिला उम्मीदवार कोस्टारिका की प्रमुख अर्थशास्त्री रेबेका ग्रिनस्पैन ही बची हैं। कुल उम्मीदवारों की संख्या पांच से घटकर तीन रह गई है। हालांकि, ब्राजील-मैक्सिको के समर्थन से बेचलेट अभी उम्मीदवार बनी हुई हैं। बेचलेट चिली की पूर्व राष्ट्रपति हैं।
यूएन सुरभा परिषद पहले गुप्त मतदान यानी स्ट्रॉ पोल के से उम्मीदवारों का चयन करती है। इसमें प्रोत्साहित, हतोत्साहित या कोई राय नहीं जैसे विकल्प होते हैं। पांच स्थायी सदस्यों- अमरीका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस की सहमति अनिवार्य होती है। इसके बाद परिषद एक प्रस्ताव पारित करती है और उसे महासभा को भेजती है, जहां आमतौर पर इसे मंजूरी मिल जाती है।
सितंबर 2025 में महासभा ने निर्णय लिया कि हर उम्मीदवार को अपना विजन स्टेटमेंट सार्वजनिक करना होगा और संवाद सत्रों में पेश करना होगा। उन्हें फंडिंग के स्रोत भी बताने होंगे और अगर वे पहले से संयुक्त राष्ट्र में कार्यरत हैं तो हितों के टकराव से बचने के लिए अपने पद से दूरी बनाने पर विचार करना होगा।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, महासचिव संगठन का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है। यह भूमिका एक राजनयिक, प्रवक्ता, सिविल सेवक का मिश्रण है। महासचिव हजारों कर्मचारियों और शांति अभियानों की देखरेख करता है। हालांकि सैन्य कार्रवाई या प्रतिबंध लगाने की शक्ति सुरक्षा परिषद के पास होती है। अब तक कोई महिला महासचिव नहीं बनी है।
Published on:
28 Mar 2026 08:55 am
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