
Most Expensive Insect Stag Beetal
World Most Expensive Insect: इस दुनिया में कई ऐसी अजीबोगरीब जीव हैं जिन्हें देखकर हमें अपनी आंखों और कानों पर विश्वास नहीं होता और हम अपना सिर पकड़ लेते हैं। इस पूरे ब्रह्मांड में 84 लाख योनियां (Species) हैं। जिनके बारे में हमें ठीक से पता भी नहीं है लेकिन ये योनियां पर्यावरण और इस दुनिया के लिए कितनी कीमती हैं, इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। ऐसा ही एक कीमती जीव ये स्टैग बीटल (Stag beetle) जिसे हिरण भृंग कहते हैं। इस स्टैग बीटल की कीमत इतनी है कि आप BMW और मर्सिडीज़ जैसी कई लग्ज़री कार ले आएं। इस स्टैग बीटल को दुनिया के सबसे महंगे कीड़े का नाम दिया गया है। इसकी कीमत भारतीय मुद्रा में करीब 75 लाख रुपये हैं। जबकि इस कीड़े का वज़न महज 5 ग्राम है।
स्टैग बीटल (Stag beetle) बहुत ही आकर्षक कीड़ा होता है जो काफी बड़ा होता हैं। इसके पिछले हिस्से पर सींग होते हैं। इनका रंग ज्यादातर काला होता हैं हालांकि ये दूसरे रंगों जैसे भूरे ,हरे और पीले भी होते हैं। स्टैग बीटल का नाम इसके सींग के आकार की वजह से मिला है। जिसे हिरण भृंग कहते हैं। क्योंकि ये महाशंखों जैसा दिखाई देता है। ये आमतौर पर लकड़ी की खुदाई करते हैं और अपने शिकार को खोजने के लिए रात में उड़ते हैं। इनके पास तेज और शक्तिशाली डंक होते हैं जिनका इस्तेमाल उनकी रक्षा और शिकार के लिए किया जाता है।
स्टैग बीटल इतना महंगा क्यों है ये सवाल हर किसी के ज़ेहन में आ रहा है। दरअसल इस कीड़े को पालने के लिए कई तरह के अनाजों की जरूरत पड़ती है जिनका खर्च लाखों में आता है। दूसरी वजह ये है कि ये देखने में बेहद खूबसूरत होते हैं इसलिए इनकी मांग बढ़ जाती है जो इन्हें बेहद कीमती बना देती है।
स्टैग बीटल इनके जीवन की अवधि सामान्य तौर पर 3 से 7 साल तक की होती हैं। ये जीवन अवधि मुख्य रूप से चार भागों में बंटी होती हैं- अंडा, लार्वा, प्यूपा और व्यसक
अंडा- मादा स्टैग बीटल लकड़ी के अंदर या मृत पेड़ों की छाल में अंडे देती हैं। अंडों से लार्वा निकलने में लगभग कुछ हफ्तों का समय लगता हैं।
लार्वा- लार्वा चरण स्टैग बीटल के जीवन चक्र का सबसे लम्बा हिस्सा होता हैं। जो 1 से 5 साल तक चल सकता हैं। लार्वा मृत लकड़ी पर निर्भर करता हैं और ये लकड़ी को खरोचकर कर खाता हैं, जिससे उसे पोषण मिलता हैं। इस चरण में, लार्वा का आकार धीरे-धीरे बढ़ता हैं और अपनी बढ़ती उम्र के लिए ऊर्जा इकट्ठा करता है।
प्यूपा- जब लार्वा पूरी तरह से बड़ा हो जाता है तो ये प्यूपा बनने के लिए एक कोकून बनाता हैं। इस चरण में लार्वा पूरी तरह स्टैग बीटल के रूप में बदलता है। ये प्रक्रिया कुछ हफ्तों से कुछ महीनों तक चल सकती हैं।
व्यसक- व्यसक स्टैग बीटल का जीवन छोटा होता हैं जो लगभग 6 महीने से 1 साल तक होता हैं। व्यसक स्टैग बीटल मुख्य रूप से भोजन की तलाश में होते हैं। व्यसक स्टैग बीटल अपने जबड़ों का उपयोग दूसरे नर और मादा बीटल से लड़ने और मादा स्टैग बीटल के साथ संयोग करने के लिए करते हैं।
स्टैग बीटल गर्म स्थानों में पाए जाते हैं और ठंडे मौसम के प्रति संवेदनशील होते हैं। ये मुख्य तौर पर वुडलैंड, हजरोज, पारम्पारिक और शहरी इलाकों में पाए जाते हैं। स्टैग बीटल का जीवन चक्र और उनकी विशेषताएं उन्हें कीट विज्ञान में एक महत्वपूर्ण जगह दिलाती हैं। उनकी लम्बी अवधि और व्यासकों की मेहनत उन्हें एक अद्भुत जीव बनाती हैं।
स्टैग बीटल का भोजन उनके पूरे जीवन में बदलता रहता है। इन चरणों में वो अपना भोजन करते हैं।
लार्वा चरण- स्टैग बीटल अपना भोजन लार्वा मुख्य तौर से मृत और सड़ी हुई लकड़ी पर निर्भर करता हैं। वे लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़े खाकर पोषण प्राप्त करते हैं।
व्यसक चरण- व्यसक स्टैग बीटल मीठे तरल पदार्थों पर निर्भर होते हैं। वो पेड़ों से निकलने वाले रस, गले हुए फलों का रस और दूसरे मीठे पदार्थ खाते हैं। व्यसक स्टैग बीटल अपने लार्वा चरण में ऊर्जा का भी उपयोग करते हैं क्योंकि वो बहुत ज्यादा भोजन नहीं करते हैं।
स्टैग बीटल के भोजन की ये आदतें उन्हें परिस्थिति के हिसाब से एक महत्वपुर्ण भूमिका निभाने में मदद करती हैं खासकर मृत लकड़ी के टूटने पर इसे काम में ली जाती हैं।
Published on:
12 Jul 2024 09:45 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
