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यमन के तट के पास LNG टैंकर पर हमला, छोटी नाव से चलाई गईं गोलियां, सुरक्षा दल ने की जवाबी फायरिंग

यमन के अल मुकल्ला तट के पास LNG टैंकर पर छोटी नाव से फायरिंग की गई। UKMTO के अनुसार, सुरक्षा दल की जवाबी चेतावनी के बाद नाव ने अपना रास्ता बदल लिया। पढ़ें पूरी खबर...
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भारत

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Pratiksha Gupta

•

Oct 18, 2026

LNG tanker

यमन के तट के पास LNG टैंकर पर हमला (फाइल फोटो)

Yemen Tanker Attack: यमन के अल मुकल्ला शहर से करीब 140 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में एक LNG टैंकर पर फायरिंग की घटना सामने आई है। ब्रिटेन की मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी के मुताबिक, कम से कम सात लोगों से भरी एक छोटी नाव टैंकर के पास पहुंची और उस पर दो गोलियां चलाईं। इसके बाद जहाज पर तैनात सशस्त्र सुरक्षा दल ने चेतावनी के तौर पर दो गोलियां दागीं, जिसके बाद नाव ने अपना रास्ता बदल लिया।

यमन के तट के पास कैसे हुई फायरिंग?

ब्रिटेन की मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी को LNG टैंकर के कप्तान ने इस घटना की सूचना दी। कप्तान के अनुसार, सात लोगों के सवार होने वाली एक छोटी नाव जहाज के करीब आई थी। इसके बाद नाव से टैंकर की ओर दो गोलियां चलाई गई थी।
UKMTO की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, टैंकर पर मौजूद सशस्त्र सुरक्षा दल ने जवाब में दो चेतावनी वाले शॉट दागे। इसके बाद छोटी नाव ने अपनी दिशा ही बदल ली। हालांकि, अभी तक नाव में सवार लोगों की पहचान और फायरिंग के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।

समुद्र से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क रहने की सलाह

इस घटना के बाद UKMTO ने समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को सावधानी बरतने को कहा है। एजेंसी ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने और ऐसी कोई घटना दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है। एजेंसी ने बताया कि संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

यमन के आसपास समुद्री सुरक्षा क्यों अहम?

यमन के आसपास के समुद्री क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। LNG टैंकर जैसे जहाज प्राकृतिक गैस को तरल रूप में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते हैं। ऐसे जहाजों के संचालन में बाधा आने से माल की डिलीवरी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में यदि समुद्री मार्गों पर सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं, तो जहाजों के बीमा का खर्च बढ़ने और सामान पहुंचने में देरी होने की आशंका रहती है। इसका असर ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति और बाजारों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, इस घटना में किसी बड़े नुकसान या टैंकर को हुए नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।