31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बांग्लादेश में आंतरिक कलह के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिले यूनुस

मुहम्मद यूनुस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की है। दोनों न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के हिस्सा लेने गए थे और इसी दौरान दोनों ने बैठक की।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Himadri Joshi

•

Updated: 25 Sep 2025, 12:46 PM IST

Yunus and Shahbaz Sharif meeting in new york

यूनुस और शाहबाज़ शरीफ़ की न्यूयॉर्क में मुलाक़ात ( फोटो- आईएएनएस)

बांग्लादेश में वर्तमान अंतरिम सरकार और पूर्व सत्ताधारी पार्टी आवामी लीग के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। देश में बढ़ रहे आंतरिक तनाव के बीच बुधवार को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की है। दोनों नेता न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में हिस्सा लेने गए थे वहां इस सभा से इतर दोनों के बीच बैठक की खबर सामने आ रही है। यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम के अनुसार, इस बैठक के दौरान पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों पर को मजबूत करने को लेकर चर्चा की गई है।

यूनुस सरकार के बाद से दोनों देश करीब आए

बता दे कि, यह यूनुस और शरीफ के बीच यह दूसरी मुलाकात थी, इससे पहले दोनों पिछले साल मिले थे। यूनुस से पहले देश में शेख हसीना की सरकार थी। हसीना सरकार और पाकिस्तान के बीच युद्ध अपराधों के मुकदमों और व्यापक क्षेत्रीय राजनीति जैसे मुद्दों के चलते संबंध कभी ठीक नहीं रहे थे। लेकन शेख हसीना के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को सत्ता से हटाने के बाद यूनुस और शरीफ के बीच हो रही मुलाकातें इस बात का सबूत है कि दोनों देशों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी है।

1971 के मुक्ति संग्राम के बाद से दोनों देशों में तनाव

बांग्लादेश और पाकिस्तान संबंधों के बीच हमेशा से 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान हुए नरसंहार में पाकिस्तान की भूमिका, फंसे हुए संसाधनों की वापसी और मुआवजा जैसे मुद्दे आड़े आते रहे हैं। हालांकि, अगस्त 2024 में बांग्लादेश में यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के गठन के बाद से हालात काफी बदल गए हैं। पिछले महीने, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ढाका की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की थी, जो 13 वर्षों में किसी भी पाकिस्तानी अधिकारी की बांग्लादेश की पहली राजकीय यात्रा थी। इस बैठक के दौरान, डार ने दावा किया था कि 1971 के नरसंहार के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे को पहले दो बार सुलझाया जा चुका है, लेकिन ढाका ने इस दावे का तुरंत खंडन कर दिया था।