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इस हरियाली अमावस्या पर करें ये पूजा और उपाय, हर संकट होगा दूर

इस बार हरियाली अमावस्या रविवार को है इस दिन पुष्य नक्षत्र है
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Sunil Sharma

Jul 23, 2017

hariyali amavasya ke upay in hindi

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हर साल सावन के महीने में आने वाली हरियाली अमावस्या (Hariyali Amawasya) इस बार बहुत खास बन रही है। इस बार हरियाली अमावस्या रविवार को है इस दिन पुष्य नक्षत्र है। साथ ही अगले दिन यानी पड़वा (प्रथमा) सोमवार के दिन भी पुष्य नक्षत्र का योग बन रहा है। ऐसे में भगवान शिव की पूजा के लिए यह दिन बहुत ही खास हो जाता है। सामान्य तौर पर पुष्य नक्षत्र को खरीददारी तथा बेचने के लिए अत्यन्त शुभ माना जाता है। लेकिन इस नक्षत्र में शिवलिंग की विधिवत पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और सभी संकट दूर हो जाते हैं।

हरियाली अमावस्या पर आरंभ होगा पुष्य नक्षत्र, सोमवार तक रहेगा
पुष्य नक्षत्र रविवार सुबह 9:53 से शुरू होगा, जो सोमवार सुबह 7:42 तक रहेगा। हरियाली अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र में भगवान शिव की पूजा करने तथा अपने पितरों के तर्पण करने से साधक पर आए समस्त कष्ट सहज ही दूर हो जाते हैं। विद्वान ज्योतिषियों के अनुसार पुष्य नक्षत्र में किया गया तर्पण पितरों को तृप्त कर देता है, जिससे उनका आशीर्वाद तथा पुण्य प्राप्त होता है।

लक्ष्मीजी का करें पूजन
इसके अतिरिक्त रविवार की रात को लक्ष्मीजी का पूजन भी अवश्य करें। इससे दरिद्रता दूर होती है और सभी प्रकार की सुख-संपत्ति आती है। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि ग्रह होने के कारण इस दिन की गई खरीददारी स्थाई होती है। अतः इस दिन भूमि, भवन, स्वर्ण-चांदी के आभूषण आदि क्रय करने चाहिए।

हरियाली अमावस्या पर करें ये उपाय
(1) हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव को काले तिल चढ़ा कर उनका जलाभिषेक करें। इससे समस्त कष्ट दूर होते हैं।
(2) भोलेनाथ को चंदन का लेप लगाएं तथा दूध का भोग लगाने से भी समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है।
(3) इस दिन रात को लघु महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से समस्त रोगों से मुक्ति मिलती है।
(4) इस दिन शिव शंकर का 1001 बिल्व पत्र चढ़ाते हुए ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जप करने से राहु, केतु तथा अन्य ग्रहों द्वारा मिल रहा कष्ट शांत होता है।