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लालू प्रसाद-सुनंदा पुष्कर मामले में खुलासा कर उल्टा खुद बुरे फंस गए अर्नब गोस्वामी, जानें क्या आई मुसीबत?

हाल ही में रिपब्लिक टीवी चैनल पर सुनंदा पुष्कर मामले और लालू प्रसाद यादव से जुड़ी खबरों में चलाए गए ऑडियो टेप गोस्वामी और प्रेमा श्रीदेवी ने उस वक्त हासिल किए, जब वे दोनों टाइम्स नाउ के कर्मचारी थे।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 26 May 2017, 11:32 AM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय ने रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ रोजगार अनुबंध का उल्लंघन करने और टाइम्स नाउ की बौद्धिक संपदा के दुरुपयोग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

गोस्वामी बेनेट, कोलमैन ऐंड कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) के मालिकाना हक वाले चैनल टाइम्स नाउ के पूर्व एडिटर-इन-चीफ हैं। बीसीसीएल ने गोस्वामी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया था।

कंपनी की ओर से दर्ज कराई गयी शिकायत के मुताबिक, हाल ही में रिपब्लिक टीवी चैनल पर सुनंदा पुष्कर मामले और लालू प्रसाद यादव से जुड़ी खबरों में चलाए गए ऑडियो टेप गोस्वामी और प्रेमा श्रीदेवी ने उस वक्त हासिल किए, जब वे दोनों टाइम्स नाउ के कर्मचारी थे। प्रेमा टाइम्स नाउ की पत्रकार रह चुकी हैं।

अर्नब ने गत वर्ष टाइम्स नाउ छोडऩे के बाद इसी महीने 'रिपब्लिक टीवी' लॉन्च किया है। रिपब्लिक टीवी ने छह मई को राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव पर खुलासा करने का दावा किया था जिसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जेल में बंद शहाबुद्दीन के बीच फोन पर हुई बातचीत प्रसारित की गयी थी।

रिपब्लिक टीवी ने दूसरा खुलासा आठ मई को चलाया था। इसमें प्रेमा श्रीदेवी और सुनंदा पुष्कर और उनके नौकर नारायण की बातचीत का टेप चलाया गया था।

न्यायमूर्ति मनमोहन ने याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि याचिका पर, 'यह स्पष्ट किया गया है कि इस मामले में, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि बचाव पक्ष ने वादी के डेटा या गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग किया है और मौजूदा याचिका पर वादी को उचित राहत दी जाएगी।'