सुसनेर. पत्नी के साथ युवक का रहना पति को इतना नागवार गुजरा की उसने मौका मिलते ही अवैध संबंध की आशंका में कुल्हाड़ी मारकर युवक की हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने वाला पति पूर्व में भी प्रयास कर चुका था। माणा में 26 जून को अंधे कत्ल का पुलिस ने 36 घंटे में खुलासा कर दिया और आरोपी पसित को गिरप्तार कर न्यायालय में पेश किया।
एएसपी नवलसिंह सिसौदिया ने सोमवार को सुसनेर थाने में हुई पत्रकारवार्ता में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया पत्नी से मृतक के अवैध संबंध होने की आशंका के चलते नाराज आरोपी ने कुल्हाड़ी से हत्या की थी। हत्या के बाद कुल्हाड़ी खेत में छिपाकर आरोपी घर में सो गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि घटनास्थल आरोपी अंबाराम पिता भंवरलाल भिलाला निवासी माणा के नए घर का था। पुलिस जानकारी में यह भी आया कि मृतक लक्ष्मीनारायण पिता मदनलाल निवासी माणा अक्सर वहां आता-जाता था। घटना वाली रात भी वह आंगन में पहुंचा था और आरोपी अंबाराम की पत्नी अनोखबाई से चाय बनाकर लाने को कहा था। अनोखबाई जैसे घर मे चाय बनाने गई तभी मौका पाकर अंबाराम ने खटिया पर सो रहे लक्ष्मीनारायण की गर्दन पर कुल्हाड़ी से एक के बाद एक तीन वार कर दिए। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात कर आरोपी भाग कर समीप स्थित अपने खेत में गया और कुल्हाड़ी जमीन में गाड़ दी और खुद दूसरे मकान में जाकर सो गया। पुलिस जानकारी में यह भी आया की आरोपी कसाई के रूप में बलि चढ़ाने का काम करता था जिसके चलते उसने एक ही झटके में लक्ष्मीनारायण का काम तमाम कर दिया। शंका के आधार पर पुलिस की सख्ती में टूट गया और खुलासा कर दिया। आरोपी ने कबूला कि पत्नी के साथ मृतक के अवैध संबंध होने की उसे कई दिनों से शंका थी जिसके कारण उसने वारदात की। पुलिस ने मामले में आरोपी अंबाराम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है।
इन्होंने किया खुलासा
अंधेकत्ल का खुलासा करने में एसआइ संजयसिंह राजपूत, अलोक परेटिया, सहायता उपनिरीक्षक गोविंद सिंह, जगदीश पेजवाल, धर्मेंद्र पाटीदार, सुरेंद्र यादव, शंभूसिंह जाट, हरीश यादव, विजय वर्मा, उपेंद्र गुर्जर, अमित तोमर, दिलीप भाटी, हेमेंद्र सिसौदिया, देवेंद्र गुर्जर की भूमिका रही। एएसपी ने टीम को इनाम देने की बात कही।
जमीन का विवाद का उठाया फायदा
शुरुआती जांच में मृतक के परिजनों ने ग्राम के पूर्व सरपंच मांगीलाल गुर्जर पर जमीन विवाद के चलते हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों कहना था ग्राम के मांगीलाल से लक्ष्मीनारायण के साथ जमीन का विवाद चल रहा था। लोगों का कहना था मांगीलाल ने मृतक की जमीन 15 साल पहले गिरिवी रखी थी जो वापस नहीं दे रहा था, लेकिन घटना के दो दिन पहले ही दोनो में 2 लाख 15 हजार रुपए में समझौता हुआ था। इसके चलते मृतक को जमीन वापस दे दी थी। ऐसे में शंका की सुई सभी तरफ से मांगीलाल की ओर इशारा कर रही थी। इसी कारण भीम आर्मी सहित अन्य संगठनों ने परिजनों के साथ मिलकर मांगीलाल को आरोपी मानकर उस पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस द्वारा भी शुरुआती जांच में मांगीलाल को थाने लाकर पूछताछ शुरू की थी, लेकिन पुलिस ने जब बारीकी से जांच की तो मामला कुछ और ही निकला।