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झोलाछाप का खेल खत्म : पेड़ पर लटकी थीं बोतलें, खेत में लेटा रखे थे मरीज, प्रशासन ने की छापामारी

बुधवार की शाम खेत बने इस झोलाछाप अस्पताल पर छापा मारी की और पुलिस की मदद से मरीजों के इलाज में लगे लोगों को गिरफ्तार भी किया।

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झोलाछाप का खेल खत्म : पेड़ पर लटकी थीं बोतलें, खेत में लेटा रखे थे मरीज, प्रशासन ने की छापामारी

आगर मालवा/ मध्य प्रदेश में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते कई ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। इसी वजह से कई जगहों पर झोलाछाप डॉक्टर ही इसका फायदा उठा रहे हैं। इसकी एक चौका देने वाली बानगी आगर मालवा जिले में सामने आई, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर खेतों में लेटा कर मरीजों का इलाज कर रहा था। यहां खेत में संतरे के पेड़ों पर उसने मरीजों को ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाने के लिये लटका रखी थीं। ये झोलाछाप यहां मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा था। मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन ने बुधवार की शाम खेत बने इस झोलाछाप अस्पताल पर छापा मारी की और पुलिस की मदद से मरीजों के इलाज में लगे लोगों को गिरफ्तार भी किया।

पढ़ें ये खास खबर- खेत बना झोलाछाप का अस्पताल : पेड़ पर लटकी बोतल, खेत में लेटे मरीज, जानते हुए भी आंखें मूंदे हैं जिम्मेदार

देखें खबर से संबंधित वीडियो...

पत्रिका ने प्रमुखता से दिखाई खबर

बता दें कि, आगर मालवा जिले में सुसनेर से पिडावा राजस्थान की और गुजरने वाले मार्ग पर ग्राम धानियाखेड़ी से करीब आधा किलोमीटर दूर खेत में ये अस्पताल बना हुआ है। यहां पर मुख्य सड़क से महज 200 मीटर दूरी पर स्थित संतरे के एक बगीचे में दरियां बिछाकर उन्हीं पर मरीजों को लेटाकर निजी डाॅक्टर इलाज कर रहे थे। जिन मरीजों को बोतल चढ़ाने की जरूरत होती, उनकी बोतले खेत में लगे संतरे के पेड़ पर लटकाकर उन्हें लगाई जातीं। खेत को अस्पताल बनाने वाले झोलाछाप डॉक्टर का नाम देवी लाल है। पत्रिका ने अखबार के साथ साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इस खबर को प्रमुखता से दिखाया था। इसके बाद बुधवार को जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की है।

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[typography_font:14pt;" >कोरोना काल में किया जा रहा था मरीजों की जान से खिलवाड़

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, खेत पर बने इस झोलाछाप अस्पताल में रोजाना आसपास के करीब 10 गांवों से मरीज बड़ी संख्या में अपना इलाज करवाने यहां पहुंच रहे थे। यहां इलाज करा रहे मरीजों को न तो कोरोना का खौफ है और न ही उनके लिए दो गज की दूरी और मास्क जरूरी जैसी गाइडलाइन किसी काम की है।

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छापामारी में मिलीं ये चीजें

मामले में कार्रवाई करने पहुंचे बीएमओ मनीष कुरील ने बताया कि, इस संबंध में खबर से माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई थी। इसी के चलते आज यहां कारर्वाई की गई है। मौके से कई ग्लूकोज की बोतलें, आईवी सेट और दवाओं का भंडारण मिला है। साथ ही, यहां उपचार में लगे चिकित्सकों को भी पकड़ लिया गया है। उनसे उनकी डिग्रियों के संबंद में पूछताछ की जाएगी। साथ ही, दोषी पाए जाने पर आवश्क कारर्वाई की जाएगी।

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