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MP Election 2023: चुनाव आचार संहिता, इस बार दशहरे पर नहीं हो पाएगी बंदूकों की पूजा

286 शस्त्र लाइसेंस में से 278 जमा, 8 अभी जमा होना बाकी

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चंबल की तर्ज पर अब सुसनेर में भी लोगों में हथियारों का शौक नजर आ रहा है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद लाइसेंसी शस्त्र थानों में जमा करवाए जा रहे हैं। यह शस्त्र अब आचार संहिता हटने तक यानी परिणाम की घोषणा होने के बाद ही वापस मिलेंगे। इस बीच जो लोग दशहरे पर बंदूकों का पूजन करते हैं उन्हें अन्य शस्त्रों का पूजन कर परंपरा निभाना पड़ेगी। सुसनेर क्षेत्र में 286 लाइसेंसी शस्त्र जारी किए हैं। इसमें बंदूक के अलावा रिवॉल्वर व पिस्टल भी शामिल हैं।

हेडमोहर्रियर धर्मेंद्र पाटीदार के अनुसार आचार संहिता लगने के बाद पुलिस रेकॉर्ड अनुसार अब तक 278 लाइसेंसी शस्त्र जमा हो चुके हैं, जबकि 8 शेष है। चुनाव निर्विघ्न संपन्न कराए जाने व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आचार संहिता लगते ही शस्त्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही शस्त्र अनुज्ञप्तियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। सभी लाइसेंसी शस्त्र संबंधित थानों में जमा कराने के निर्देश दिए थे। शुरुआती दिनों में ही अधिकतर शस्त्र पुलिस थानों पहुंच चुके थे। अब भी कुछ शस्त्र आने का सिलसिला जारी है।

विहिप व बजरंग दल ने किया शस्त्र पूजन

शारदीय नवरात्र के अष्टमी पर विहिप व बजरंग दल ने नगर के चौसठ योगिनी माता मंदिर में शस्त्र पूजन किया। हिंदू रीति रिवाज अनुसार प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी शस्त्र पूजन किया। विहिप प्रखंड मंत्री शुभम विश्वकर्मा, सहमंत्री मोहन लोहार, संयोजक बलराम चंदेल, प्रचार प्रसार प्रमुख मनीष राठौर, लकी माली मौजूद थे।

दशहरे पर नहीं हो पाएगी बंदूकों की पूजा

दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा है। कई लोग घरों में बंदूक की पूजा करते हैं। राजपूत समाज भी हर साल शस्त्र पूजन रखता है, लेकिन आचार संहिता के चलते बंदूक जमा चुकी है, ऐसे में कोई भी बंदूकों की पूजा नहीं कर पाएगा। पूजन की परंपरा का निर्वहन प्रतीकात्क रूप से करना होगा। बंदूकें जमा हो चुकी हैं, ऐसे में किसी अन्य शस्त्र की पूजा कर रिवाज को निभाएंगे।

इनको मिली छूट

कानून व्यवस्था के संधारण, निर्वाचन एवं सुरक्षा प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों जैसे आर्मी, बीएसएफ, एसएएफ, पुलिस, होमगार्ड, केंद्रीय व राज्य के सशस्त्र बल मान्यता प्राप्त विलय संस्था, बैंकों की सुरक्षा में संलग्न लाइसेंसधारियों, चुनाव कार्य में संलग्न कार्यपालिक मजिस्ट्रेट व न्यायिक सेवा के अधिकारी शस्त्र रख सकते हैं। इन्हें आदेश से मुक्त रखा है।

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