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बीए, बीएससी और बीकॉम 2018 की मुख्य परीक्षा में होना है पास, तो जरूर पढ़ें ये खबर

सेंट जोंस कॉलेज के हिन्दी विभाग की एचओडी डॉ. मधुरिमा शर्मा ने दिए परीक्षा तैयारी के टिप्स।
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आगरा

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Dhirendra yadav

Dec 20, 2017

Agra university

Agra university

आगरा। बीए, बीएससी और बीकॉम 2018 की मुख्य परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, तो ये खबर आपके काम की है। इस बार आगरा यूनिवर्सिटी ने परीक्षा का पैटर्न पूरी तरह बदल दिया है। अब परीक्षा के समय कॉपियों में लम्बी चौड़ी लिखाई नहीं करनी होगी, बल्कि सिर्फ सही और गलत के जबाव देने होंगे। बदले हुए इस परीक्षा पैटर्न में कैसे तैयारी करें, इस पर सेंट जोंस कॉलेज की हिंदी विभाग की एचओडी डॉ. मधुरिमा शर्मा से खास बातचीत।


ऐसे करें पढ़ाई
डॉ. मधुरिमा शर्मा ने बताया कि अभी तक छात्र मॉडल पेपर खरीदा, पढ़ाई की और एग्जाम देने चल दिए। अब ऐसे पढ़ाई करने से एग्जाम में सफलता प्राप्त करना आसान नहीं होगा। अब एग्जाम की तैयारी के लिए विस्तार से पढ़ाई करनी होगी, तभी सफलता मिलेगी। क्योंकि अब प्रश्न और उत्तर एक एक लाइन के होंगे। उसमें आप बात को घुमा नहीं सकते हैं, आपको जबाव भी सीधे ही देना होगा। ऐसे में यदि उत्तर गलत हुआ, तो नंबर नहीं मिलेंगे।

इस तरह मिलेगी सफलता
डॉ. मधुरिमा शर्मा ने बताया कि विषय कोई भी हो, विस्तार से किया गया अध्ययन ही सफलता दिलाएगा। उन्होंने बताया कि शॉर्ट स्टडी न करें, जो भी विषय पढ़ें, उसमें बारीकी से अध्ययन करें। एक एक लाइन को गंभीरता से पढ़ेंगे, तभी बात बनेगी।

बदल गया परीक्षा पैटर्न
डॉ. भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी समस्या, परीक्षा के बाद परिणाम घोषित करना है। इस बार कुलपति ने परिणाम सही समय पर घोषित किया जा सके, इसके लिए परीक्षा पैटर्न ही बदल दिया है। बीए, बीएससी और बीकॉम की मुख्य परीक्षा वर्ष 2018 में कई प्रश्नपत्रों की परीक्षा ओएमआर शीट पर कराई जाएगी।

दिया गया प्रारूप

आगरा यूनिवर्सिटी से जारी इस आदेश में प्राचार्यों से कहा गया है कि जिन पाठ्यक्रमों और प्रश्नपत्रों की परीक्षा ओएमआर शीट पर कराई जानी हैं, उसकी सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी जाए। विद्यार्थी उसके अनुरूप परीक्षा की तैयारी करें। आगरा यूनिवर्सिटी के पीआरओ डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि ओएमआर शीट पर परीक्षा कराने का निर्णय कार्य परिषद की बैठक में लिया गया था। परीक्षा अवधि घटाने और मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। मूल्यांकन का समय भी बचेगा।