
Agra Metro
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
आगरा ( Agra ) मैट्रो रेल परियोजना ( Metro Rail project ) पर शुरू हाेते ही ब्रेक लग गई। मामला अदालत में पहुंच गया है। श्री ठाकुर रंगजी विराजमान मंदिर ट्रस्ट वृदांवन की ओर से आगरा कमिश्नर, कलेक्टर, पीएसी कमान्डेंट समेत मेट्रो कॉरपोरेशन के खिलाफ मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दाखिल किया है।
आरोप लगाया है कि खेवट नंबर एक जिसमें पीएसी की भी भूमि आती है उसके मालिक श्रीरंगजी महाराज हैं. कहा गया है कि इस भूमि पर राज्य सरकार और मेट्रो कॉरपोरेशन को बिना उनकी अनुमति के निर्माण कराने का कोई अधिकार नहीं है। सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने इस अपील को स्वीकार करते हुए विपक्षियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। अग्रिम सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तारीख नियत की गई है।
भाजपा के पूर्व एमएलसी रह चुके वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश चंद गुप्ता बच्चू बाबू ने अपने पक्षकार श्री ठाकुर रंगजी विराजमान मंदिर वृदांवन ट्रस्ट की ओर से अदालत में वाद दायर किया है। इसी मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने आगरा कमिश्नर समेत चार विपक्षियों को नोटिस भेजकर मामले की सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तारीख नियत की है
छल कपट करके गाटा संख्या को बदलने का है आरोप
वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुसार उनकी ओर से डाले गए वाद में आरोप है कि पीएसी ने छल कपट से मंदिर की भूमि गाटा संख्या 257 पर गाटा संख्या 157 दर्ज कराई जबकि 8 अगस्त 1990 को अपर जिलाधिकारी की अदालत ने इस कृत्य को अनुचित बताया था।
अधिवक्ता के मुताबिक इसके बावजूद प्रार्थना पत्र देकर मामले को टाला जा रहा है जबकि उनके विरुद्ध कई आदेश पारित हो चुके हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि बिना मंदिर की अनुमति के उक्त भूमि पर निर्माण को नहीं हो सकता. ऐसे में किया जा रहा निर्माण अनुचित है. इसी क्रम में श्रीरंगजी मंदिर ट्रस्ट ने स्टे के लिए प्रार्थना पत्र देकर निर्माण कार्य रुकवाने का आग्रह किया है।
Updated on:
15 Dec 2020 07:43 pm
Published on:
15 Dec 2020 07:22 pm
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