
Due to the clouds the Taj Mahal could not be seen amidst the moonlight
शरद पूर्णिमा पर चांद की चांदनी से नहाए ताजमहल को देखने के लिए हर साल भारी दाताद में पर्यटक पहुंचते हैं। इस बार भी रात में ताज के दीदार के लिए पहले से ही सभी तैयारियां कर ली गईं थी। लेकिन सारा मामला तब ध्वस्त हो गया जब चांदनी रात में ताजमहल
पर घने बादलों ने पहरा लगा दिया। पूरे दिन हुई तेज बारिश के कारण एक भी मिनट ऐसा नहीं आया जब ताज पर चांद अपनी रोशनी बिखेर पाता। ऐसे में ताजमहल को देखने की तमन्ना रखने वाले कोने-कोने से आए करीब 395 सैलानियों को मायूस होना पड़ा। उन्हें चांद की रोशनी में ताजमहल देखे बिना ही लौटना पड़ा।
पर्यटकों को पैसे वापस करने के लिए कहा गया
दरअसल, रात 8.30 बजे 50-50 पर्यटकों का 30 मिनट का स्लॉट शुरू हुआ, जो देर रात 12.30 बजे तक चला। इस दौरान किसी भी स्लॉट में बादलों के न छंटने की वजह से पर्यटकों को बिना चांदनी में लिपटे ताजमहल को देखे ही लौटना पड़ा। वहीं टूर ऑपरेटर सुमित उपाध्याय का कहना है कि मौसम खराब है तो एएसआई को टिकट ही नहीं बांटने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि टिकट वापसी का समय दोपहर 12 बजे तक है। यहां आए पर्यटकों को चांदनी रात में ताजमहल के दीदार नहीं हुए इसलिए उनके पैसे वापस किए जाएं।
आठों स्लॉट में बिक गए थे 400 टिकट
बता दें कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर चांदनी रात में ताजमहल के दीदार के लिए शनिवार को एएसआई के 22 माल रोड से टिकट मिलने शुरू हो गए थे। दोपहर एक बजे तक सभी आठों स्लॉट में 400 टिकट बिक गए। इस बीच मौसम भी काफी खराब रहा। जिसके कारण बारिश के बीच भीगते हुए शनिवार को ताजमहल को देखने के लिए 28,775 पर्यटक पहुंचे। इनमें से 15,792 सैलानियों ने ऑनलाइन और 12,983 ने ऑफलाइन टिकट खरीदा। 1,881 विदेशी पर्यटक आए। आगरा किला पर शनिवार को 6,459 पर्यटक और अकबर के मकबरे सिकंदरा में 691 और मरियम टूम में 46 सैलानी पहुंचे।
Updated on:
09 Oct 2022 10:54 am
Published on:
09 Oct 2022 10:50 am
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