
एक महीने के वीजा पर दस हिंदू (पाकिस्तान नागरिक) भी आगरा आए हुए हैं। उन्हें भी सूचित किया गया। लॉन्ग टर्म वीजा पर रहे 43 पाकिस्तानियों से भी सामान बांधने को कह दिया गया है। उनके संबंध में विस्तृत आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे का समय था। कराची (पाकिस्तान) निवासी मकसूद अली उर्फ फैजान हरीपर्वत स्थित एलआईयू ऑफिस आए थे। ताजगंज इलाके में उनकी ससुराल है। वर्ष 1983 में उनका निकाह आगरा की वरदा से हुआ था। कई साल से वह ससुराल आने की सोच रहे थे। बड़ी मुश्किल से वीजा मिला था। वह पांच दिन पहले अपनी ससुराल आए थे। यहां उनके कई रिश्तेदार रहते हैं। उनके आने पर रिश्तेदारों की खुशी का ठिकाना नहीं था। पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार के कड़े फैसले की जानकारी से उनके होश उड़ गए। वह खुद ही एलआईयू ऑफिस आए थे। जानकारी दी कि वापस जाना चाहते हैं। प्रक्रिया पूरी करा ली जाए।
मकसूद ने बताया कि वे पंजाब से ट्रेन से आगरा तक आए थे। इससे पहले भी कई साल पहले आए थे। वह सहमे हुए थे। ज्यादा बोल नहीं पा रहे थे। पुलिस ने उनसे कहा था कि अपनी पहचान किसी को नहीं बताएं। घटना से जनता में आक्रोश है। पुलिस ने बताया कि शार्ट टर्म वीजा पर पाकिस्तान से आए दंपति को गुरुवार शाम वापस भिजवा दिया गया। पति-पत्नी ताजगंज की मल्को गली में आए थे। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने के संबंध में विस्तृत आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
उधर, दयालबाग इलाके में आए दस हिंदुओं (पाकिस्तानी नागरिकों) को लौटने के लिए कह दिया गया है। लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के ठिकानों पर भी दस्तक दी गई है। आदेश आते ही जल्द उन्हें भी लौटना होगा। जो पाकिस्तानी मेडिकल वीजा पर आए हैं उन्हें भी वापस जाना है। उन्हें 29 तक की मोहलत दी गई है।
Updated on:
25 Apr 2025 09:50 am
Published on:
25 Apr 2025 09:50 am
