
आगरा. लाइसेंसी हथियार रखने के शौकीनों के लिए लिए बड़ी खबर है। योगी सरकार ने केद्रीय गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन के तहत अब प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस के अधिनियम तहत महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। संशोधन के तहत अब शस्त्र लाइसेंस धारक केवल दो ही लाइसेंस रख सकता है। ऐसे लोगों को 13 दिसंबर तक का समय दिया गया है कि वह अतिरिक्त लाइसेंस जमा या सरेंडर कर दें। अन्यथा ऐसे शस्त्र लाइसेंस धारक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने शस्त्र लाइसेंस धारकों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन के अनुसार अगर किसी के पास तीन हथियारों के लाइसेंस हैं तो उसे हर हाल में एक हथियार जमा या सरेंडर करना होगा। वहीं, अब तक लाइसेंस 3 साल तक के लिए नवीनीकृत किया जाता था, लेकिन अब यह 5 साल के लिए नवीनीकृत कराना होगा। इसके लिए धारक को अतिरिक्त फीस भी जमा करानी होगी।
इसके अलावा सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों को एनडीएएल एलिस के पोर्टल पर जानकारी भी अपलोड करनी होगी। इसके बाद बिना यूआईएन के शस्त्र लाइसेंस अवैध माने जाएंगे।
इस संबंध में जिला अधिकारी आगरा प्रभु एन सिंह का कहना है कि ऐसा नहीं करने वाले धारकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Published on:
25 Nov 2020 05:55 pm
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