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पांच साल तक के मासूम बच्चों के लिये छह दिन चलेगा ये बड़ा अभियान, सवाल है उनके जीवन का…

पांच साल तक के मासूम बच्चों के लिये बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है।

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आगरा

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Dhirendra yadav

Jun 18, 2019

Pulse Polio Program 2019

Pulse Polio Program 2019

आगरा। पांच साल तक के मासूम बच्चों के लिये बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये अभियान 23 जून से शुरू होगा, जो 28 जून तक चलेगा। इस अभियान के तहत पांच साल तक के हर बच्चे तक पहुंचने का लक्ष्य होगा। इसके लिये 2 हजार 611 टीम लगाई गईं हैं, साथ ही 2 हजार 667 बूथ बनाये जाएंगे। ये अभियान होगा बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कमर कस ली है।

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2611 टीम करेंगे काम
जनपद में 23 जून से 28 जून तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जायेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। अभियान को सफल बनाने के लिए 2611 टीमें लगायी जायेंगी। पोलियो की खुराक देने के लिए 2667 बूथ बनाये जायेंगे। इसके अलावा अभियान में 23 ट्ांजिट टीमें और 33 मोबाइल टीमें लगायी जायेंगी। अभियान के तहत शून्य से पांच साल तक के 7.50 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ मुकेश कुमार वत्स ने लोगों से अपील की है कि शून्य से पांच साल के बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर पिलवायें। सीएमओ ने अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिये हैं कि अभियान के दौरान शून्य से पांच साल के सभी बच्चों को पोलियो की पिलायी जाये, एक भी बच्चा छूटने न पाये। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की और से पोलियो फ्री इण्डिया का सर्टिफिकेट मिल चुका है। उन्होंने बताया कि अभी भी कई देश पोलियों मुक्त नहीं हो पाये हैं। जनपद में विदेशी नागरिकों का आना जाना लगा रहता है, जिसके चलते यह खतरा बना रहता है।

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यहां बनाये जाएंगे बूथ
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ आर के अग्निहोत्री ने बताया कि एक भी बच्चा इस दौरान दवा पीने से वंचित न रह जाये, इसके लिए चौराहों, बस स्टैण्ड और सार्वजनिक स्थानों पर बूथ बनाये गये हैं। साथ ही 33 मोबाइल टीमों और 23 ट्ांजिट टीमें भी बनायी गयी हैं। घर-घर दवा पिलाने का काम टीम-ए करेगी। इसके बाद छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने का कार्य टीम बी के द्वारा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि ट्ांजिट टीमें ईंट भट्टों और निर्माण कार्याें में लगे मजदूर परिवारों और घुमंतू परिवारों के बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करेंगी। अक्सर देखा गया है कि मजदूर वर्ग काम समाप्त होते ही अपना ठिकाना बदल देते हैं। जिसके चलते उनके परिवार के बच्चे पोलियों की खुराक पीने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि घर-घर दवा पिलाने जाने वाली टीम में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगी। इसके अलावा इस क्षेत्र में काम कर रही संस्थाएं भी अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगी।

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