5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मोदी कहते हैं बेटी बचाओ, लेकिन भाजपा नेता बना बेटियों का दुश्मन !

भाजपा नेता के नर्सिंग होम में भ्रूण लिंग परीक्षण के बाद यहां पर भ्रूण की हत्या भी की जाती थी

2 min read
Google source verification

image

Dhirendra yadav

Dec 25, 2016

raid on BJP Leader Nursing home

raid on BJP Leader Nursing home

आगरा । भाजपा नेता के नर्सिंग होम पर मौत का गंदा खेल खेला जा रहा था। यह खेल भी हो रहा था, महज कुछ पैसों के लिए। भ्रूण लिंग परीक्षण के बाद यहां पर भ्रूण की हत्या भी की जाती थी। इसका खुलासा हुआ जब राजस्थान पीसीपीएनडीटी सैल और पुलिस ने भाजपा नेता मुकेश वर्मा के नर्सिंग होम पर छापा मारा। पुलिस ने नर्सिंग होम से एक चिकित्सक और सवाई माधोपुर निवासी दलाल को दबोचा है। पुलिस का दावा है कि नर्सिंग होम में जांच और गर्भापात का पूरा पैकेज 50 हजार रुपये लिया जा रहा था, दवाओं का खर्चा अलग लिया जाता था।

यहां पर था नर्सिंग होम
जलेसर रोड पर भाजपा नेता मुकेश वर्मा के नर्सिंग होम पर यह कार्रवाई हुई मुकेश वर्मा बसपा के टिकट पर विधान सभा का चुनाव लड़ चुके हैं और कुछ दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। जब भाजपा नेता से बात हुई, तो उन्होंने बताया कि वे शहर से बाहर है, उन्हें इस मामले में जानकारी नहीं है।

किया गया स्टिंग प्लान
राज्य पीसीपीएनडीटी सैल राजस्थान के राज्य समुचित प्रधिकारी एवं स्वास्थ विभाग के मिशन निदेशक नवीन जैन ने बतायसा कि कई माह से सैल को इस संबंध में सूचना मिल रही थी। सूचना की पुष्टि होने पर सैल ने उन्हें फंसाने के लिए जाल बुना। सवाईमाधोपुर अन्नत मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले दलाल मुकेश शर्मा से संपर्क किया और उसके पास एक गर्भवती महिला व एक अन्य महिला को भेजा।

रंगे हाथ दबोचा चिकित्सक
मुकेश शर्मा इन्हें अपने साथ लेकर फिरोजाबाद में वर्मा नर्सिंग होम एवं मेटरनिटी सेंटर पर पहुंचा। यहां डॉक्टर शिव शंकर ने सोनोग्राफी मीशन से लिंग जांच कर लड़की बताई और गर्भपात करने की सलाह दी। जैसे ही तय पैकेज के अनुरूप रुपये दिए गए, उन्हें राजस्थान पुलिस ने दबोच लिया। चिकित्सक और दलाल के साथ सोनोग्राफी मशीन को कब्जे में लेकर टीम राजस्थान चली गई। नवीन जैन ने बताया कि उनके सैल की यह 53 वीं कार्रवाई है। उनमें नौ अलग अलग राज्यों में की गई। यूपी में यह चौथी कार्रवाई है।

ये भी पढ़ें

image