
आगरा। ताजनगरी में आईं साध्वी ऋतम्भरा ने बताया कि सबको आर्थिक दृष्टि से, सामाजिक,दृष्टि से पिछड़े लोग हैं उनके लिए अपनी आत्मीयता को व्यक्त करना, महल और माडियों वालों को पथों और फुटपाथों पर अपनी ही जो बिखरी हुई मनुष्यता है। उसको वत्सलता बांटना, यही एक रास्ता है पूरे राष्ट्र को एकजुट करने का। वहीं उन्होंने जो हिन्दुत्व को बचाने के लिए चार बच्चे पैदा करने वाले बयानों पर कहा कि देश के अंदर जनसंख्या का बोझा बढ़ रहा है। राष्ट्रहित का जब चिंतन होगा, तो उस विषय पर विचार करना चाहिए, लेकिन जनसंख्या का असुंतलन देश में विभाजन पैदा करेगा। ये भी एक बहुत ही चिंतनीय विषय है।